छुरिया। दुनिया मे दो ही लोगों की श्रेष्ठ माना गया है, एक माता-पिता को और दूसरा गुरु को। क्योंकि माता पिता दुनियां में लाता है और गुरु दुनियां के महत्व को बताता है। आज के दौर में हमे सुनने और देखने को मिलता है कि कई ऐसे शिक्षक हैं जो अपने दायित्वों का निर्वहन ठीक ढंग से नही कर पा रहें हैं, जिनके कारण पूरे शिक्षा जगत को अपमानित होना पड़ रहा है, लेकिन समाज में कई ऐसे भी अनेकों शिक्षक हैं जो ज्ञान के साथ-साथ अपने स्कूल परिसर को बेहतर बनाने के लिए दिन-रात एक कर दिए।
हम बात कर रहें हैं छुरिया ब्लाक मुख्यालय से सटे ग्राम पंचायत जैतगुण्डरा के आश्रित ग्राम मोरकुटुम्ब के सरकारी स्कूल में पदस्थ शिक्षकों की सोच ने स्कूल परिसर की तस्वीर ही बदल दी। ज्ञात है कि ग्राम मोरकुटुम्ब में पहली कक्षा से लेकर दसवीं कक्षा तक की कक्षाएं संचालित है, लेकिन शिक्षकों की सोच और मेहनत के बदौलत स्कूल परिसर की तस्वीर बदल गयी है। स्कूल परिसर में तरह तरह के पौधे और गमले की सुंदरता मन को मोहित और आनंदित कर देती है। स्कूल परिसर किसी पब्लिक स्कूल से कम नहीं लगता। साथ ही स्कूल में पढ़ाई का स्तर भी बेहतर है। बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ कैरियर मार्गदर्शन की कक्षाएं भी समय-समय पर आयोजित किया जाता है। जिससे बच्चों में उत्साह की भावना प्रकट होती है।
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स्कूल परिसर की सुंदरता क्षेत्र के बाकी स्कूलों के लिए प्रेरणादायक
ग्राम मोरकुटुम्ब की स्कूल भले ही चर्चा में नही आता, लेकिन वास्तव में वहां की सुंदरता अपने आप में किसी करिश्में से कम नहीं है। इसके पीछे ग्रामवासियों का सहयोग, युवाओं का मेहनत और शिक्षकों के त्याग के कारण ही संभव हो सका है। स्कूल की सुंदरता के बारे में पूछने पर शासकीय प्राथमिक शाला के प्रधान पाठक जनक साहू ने बताया कि स्कूल परिसर को सुंदर बनाने में बहुत मेनहत लगा है। ग्रामवासियों और युवा मंडल के सहयोग से देर रात तक काम किये हैं तब जाकर स्कूल परिसर को बेहतर बना पाएं हैं। साथ ही साथ सभी शिक्षकों का योगदान भी सराहनीय रहा है।
