राजनांदगांव राज्य पर्यटन मंडल के सदस्य व युवा कांग्रेस नेता निखिल द्विवेदी ने बुधवार को राजनांदगांव विधानसभा क्षेत्र के धान खरीदी केंद्रों का दौरा किया। बेमौसम बारिश के बाद समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में आ रही दिक्कतों को करीब से देखा। वहां पहुंचे किसानों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनी। निराकरण के लिए अधिकारियों को निर्देशित भी किया। इस दौरान उनके साथ क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे।
छत्तीसगढ़ राज्य पर्यटन मंडल के सदस्य निखिल द्विवेदी ने राजनांदगांव कांग्रेस के पदाधिकारीयों और जनप्रतिनिधियों और के साथ मिलकर धान खरीदी केंद्र का दौरा कर किसानों को धान बिक्री में आ रही समस्या को जानकर तत्काल अधिकारियों को निराकरण के निर्देश दिए। धान खरीदी का कार्य बेमौसम बारिश के पहले तक सुचारू रूप से हो रहा था। अब कुछ स्थानों पर अव्यवस्था की शिकायत है। किसानों के अवगत कराने के बाद कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों के साथ निखिल ने खरीदी केंद्रों का दौरा किया और जहां पर भी समस्या दिखी अधिकारियों से बात कर तुरंत निराकरण के निर्देश दिए। सुरगी व भर्रेगांव में खाद की समस्या के बारे में किसानों ने बताया। किसानों की समस्या सुन तत्काल कलेक्टर को फोन पर जानकारी दी। उन्होंने इसका समाधान करते हुए शाम तक खाद का व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया। रानीतरई में मजदूरों की राशि भुगतान की समस्या थी जिसे दूर किया गया। इस दौरान निखिल के साथ ब्लाक अध्यक्ष घनश्याम देवांगन, पूर्व ब्लाक अध्यक्ष अजय मारकंडे, वरिष्ठ कांग्रेसी महेश्वर दास साहू, बबलु सेन, नंदलाल बंदे, आनंद साहू, डामन दास वैष्णव,र वि साहू, कपिल देवांगन , चंद्रशेखर मालेकर, पूर्व जनपद सदस्य रोशन साहू, तारा बाई साहू, महेंद्र साहू, दीपक साहू, श्रीराम साहू, कुलेश्वर साहू आदि प्रमुख रूप से शामिल थे।
70 फीसद किसान बेच चुके धान निखिल द्विवेदी ने बताया कि सिंघोला केंद्र में 62689.20 क्विंटल, रानीतरई मे 37338.80, क्विंटल, सुरगी में 43143.20, सोमनी में 51790.40 क्विंटल, भर्रेगांव में 32766.40 व गठुला उपार्जन केंद्र में समर्थन मूल्य पर 44517.60 क्विंटल धान खरीदी हो चुकी है। लगभग सभी जगह पंजीकृत में से 70 प्रतिशत किसान अपना धान बेच चुके हैं। सिंघोला में 2500 किसानों का पंजीयन है। लगभग 1600 किसानों ने धान बेच लिया है। रानीतरई 1300 में से 985 किसान धान बेच चुके है। भर्रेगांव में 1087 में 738 किसान धान बेच चुके हैं। सोमनी में 1788 में 1120, गठुला में 1940 में 1090 किसान अब तक धान बेच चुके हैं। सुरगी में 1615 किसानों का पंजीयन है जिसमे लगभग 1100 किसान धान बेच चुके हैं।
