छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले की भाटापारा निवासी 23 वर्षीय युवती इंदू वर्मा ने पढ़ाई तो इंजीनियरिंग से की है पर किताब पढ़ने और लिखने के शौक ने उन्हें ख्याति दिला दी है। पहली बार इंदू ने छत्तीसगढ़ के शहीद वीर नारायण सिंह को लेकर कविताएं लिखीं। इसके साथ अन्य रचनाओं को भी पांच हजार शब्दों में संजोया और उनके इस लेखन के लिए उन्हें पीएम-युवा मेंटरशिप योजना के तहत चुना गया है।
छत्तीसगढ़ से इंदू इकलौती लेखिका बन चुकी हैं जो कि आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रमों के अंतर्गत पीएम-युवा मेंटरशिप योजना के तहत अब राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (नेशनल बुक ट्रस्ट) के लिए किताब लिखेंगी। बतादें कि
हर महीने छात्रवृत्ति और किताब पर रायल्टी भी
मेंटरशिप के दौरान चयनित लेखकों को छह महीने की अवधि के लिए प्रति माह 50 हजार रुपये की छात्रवृत्ति मिलेगी। इसके अलावा लेखकों को उनकी पुस्तकों के सफल प्रकाशन पर 10 प्रतिशत की रायल्टी भी मिलेगी। इस प्रतियोगिता में 22 आधिकारिक भाषाओं और अंग्रेजी में लगभग 16 हजार प्रविष्टियां पूरे देश से प्राप्त हुईं, जिनमें कुछ भारतीय प्रवासी समुदाय से भी शामिल रहे। इनमें देशभर से 75 युवा लेखकों का चयन किया गया है।
शुरू से ही किताबों को पढ़ने का था शौक
इंदू बताती हैं कि उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीयनियरिंग में पढ़ाई की है। वर्तमान में पालिटेक्निक कालेज भाटापारा में पार्टटाइम पढ़ा रही हैं। शुरू से ही किताबों को पढ़ने का शौक रहा है। पीएम-युवा मेंटरशिप योजना के तहत ‘भारत का राष्ट्रीय आंदोलन’ विषय पर आयोजित अखिल भारतीय प्रतियोगिता में उन्होंने हिस्सा लिया। इसके तहत प्रदेश के वीर सपूत शहीद वीर नारायण सिंह पर कविताएं रचीं और उन पर लेख भी लिखे।
ऐसे हुआ चयन
इंदू ने बताया कि माय गवर्मेंट और राष्ट्रीय पुस्तक न्यास भारत सरकार की ओर से आयाेजित इस प्रतियोगिता के लिए इस वर्ष एक जून से लेकर 31 जुलाई 2021 तक अखिल भारतीय प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। इस प्रतियोगिता के माध्यम से 30 वर्ष से कम आयु के युवा लेखकों के लिए छात्रवृत्ति और परामर्श योजना के लिए लेख मंगाए गए थे। पहले चरण में शहीद वीर नारायण सिंह पर भेजे गए पांच हजार शब्दों के साहित्यिक रचना को पुस्तक प्रस्ताव के रूप में भेजा गया। पुस्तक प्रस्ताव को विशेषज्ञों के पैनल द्वारा पढ़ा गया और चयनित किया गया। फिर दूसरे चरण में हिंदी भाषा को जांचा-परखा गया। तीसरे चरण में आनलाइन ही वर्चुअल तरीके से साक्षात्कार लिया गया था।
किसान पिता की बेटी है इंदू
इंदू भाटापारा में एक मध्यमवर्गीय परिवार सेे हैं। इनके पिता अशोक कुमार वर्मा किसान हैं और मां परागा वर्मा साक्षर भारत अभियान के तहत प्रेरक रहीं हैं। इदूं की छोटी बहन नर्सिंग और छोटा भाई इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। इंदू घर में बड़ी बेटी हैं। इनके परिवार में साहित्य या लेखन के क्षेत्र में इंदू पहली हैं वह रेडियो कार्यक्रम में भी अपनी कविताओं को पढ़ चुकी हैं।
