उनके विरुद्ध एफ आई आर राजनीतिक दुर्भावनापूर्ण
राजनांदगांव । पूर्व मंत्री राजिन्दरपाल भाटिया के विरुद्ध करवाई गई प्राथमिकी राजनीतिक दुर्भावनापूर्ण एवम उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से की गई करवाई है,उनका लम्बा राजनीतिक जीवन निर्विविवादित एवम सादगी से परिपूर्ण रहा है ,उन पर कभी भी किसी तरह का माहौल बिगाड़ने का कोई आरोप आज तक नही लगा था,किन्तु सत्ता परिवर्तन होते ही मौके के तलाश में बैठे कुछ विध्नसन्तोषी लोगों के कुत्सित प्रयासों ने उन पर एफ आई आर करवा दिया है ,जिसका उद्देश्य केवल और केवल राजनीतिक स्वार्थ और राजनीतिक ईर्ष्याद्वेश से ही भरा हुआ है।
उक्ताशय के उदगार व्यक्त करते हुए जिला पंचायत के सदस्य अरुण यादव ने कहा है कि राजिन्दर पाल भाटिया भाजपा के वरिष्ठ नेता है,वे विधायक रहने के साथ साथ पूरी जिम्मेदारी से परिवहन मंत्री जैसे पदों के कर्तव्यों का निर्वहन कर चुके है उनके ऊपर कभी भी कोई साम्प्रदायिक टिप्पणी अथवा समाज में कडुवाहट पैदा करने वाले वक्तव्य अथवा कार्य का कभी कोई उदाहरण नही मिला है,किन्तु एक तथाकथित ग्रुप में उनके पोस्ट पर राजनीतिक ईर्ष्या द्वेष के चलते उनके तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया एवम अर्थ का अनर्थ निकालते हुए उन्हें राजनितिक मोहरा बना कर उन पर एफ आई आर करा दिया गया,आश्चर्य की बात तो यह है कि ना तो उनके विरुद्ध लगाए गए आरोपो की उचित प्रकिया अथवा विधिक दृष्टिकोण से जांच की गई और ना ही पूरे तथ्यों को जानने का प्रयास किया गया , और ना ही उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया,बस जितने आनन फानन में उनके विरुद्ध लगे आरोप पर प्राथमिकी दर्ज की गई उससे तो ऐसा लगता है कि मानो प्रशासन ईतज़ार ही कर
रहा था कि कोई शिकायत करे और उनके विरुद्ध अपराध दर्ज कर लिया जाए।
यादव ने कहा कि भाटिया लगातार जनता के हितों के लिए सक्रिय रहे है,चाहे जनता को मूलभूत आवश्यकताओं की बात हो अथवा उनकी कोई व्यक्तिगत समस्या को हल करने की बात हो या रात में अवैध शराब की बिक्री को रोकने को, भाटिया जी सर्वदा आगे रहे है ,उनकी सक्रियता बहुत से विपक्षी पार्टियों के लिए आंखों की किरकिरी ही बनी रही है , उनके इन्ही सक्रियता ने उन पर राजनैतिक षडयंत्रकारियों को उनके स्वच्छ छवि को धूमिल करने के लिए अवसर की तलाश और प्राथमिकी करवाने के लिए उत्प्रेरित कर दिया जबकि भाटिया लगातार जनता के सपर्क में रह कर लोगों की समस्या को हल करने में लगे रहे है, उनका उद्देध्य कभी भी किसी का दिल दुखाना नही रहा है, पिछले 30 वर्षों का उनका राजनीतिक जीवन इस बात का गवाह है,उनकी मुखरता और सजगता ही विरोधियों को खटकता रहा है ,इसलिए उनके पोस्ट को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया, वैसे भी सोशल मीडिया में कितने ही लोग रोज आपत्तिजनक एवम अपमानजनक पोस्ट करते रहते है किंतु उनके विरुद्ध कभी प्राथमिकी दर्ज नही की गई ,भाटिया जी पर प्राथमिकी दर्ज करना या करवाना पूरे प्रदेश में संस्कारधानी राजनांदगांव की जीवनशैली के विपरीत है क्योंकि पूर्व में जब भी राजनैतिक मतभेद राजनीतिक दलों के सदस्यों के बीच हुवा भी रहा है तो किसी ने भी एक दूसरे पर प्राथमिकी दर्ज करवाने का प्रयास नही किया ,बल्कि मतभेद होने पर आपस मे बैठकर ही सुलह का पहले प्रयास किया गया है,प्राथमिकी करना तो दूर उस दिशा में सोचा तक नही गया,यह एक गलत परंपरा का प्रारम्भ व राजनांदगांव जिले के संस्कार के विपरीत का प्रयास है।
यादव ने कहा कि राजनैतिक ईर्ष्या वश भाटिया के विरुद्ध इस तरह की प्राथमिकी का विधिक तरीके से पुरजोर विरोध किया जाएगा एवम उनके तथ्यों को जिस तरह से तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया है उसकी सच्चाई को भी सामने लाया जाएगा।





