शहर में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए प्रशासन ने दिग्विजय स्टेडियम को बंद करा दिया है। वहां सभी प्रकार के खेलों से जुड़े अभ्यास भी बंद करा दिया गया है। इसी के साथ खेलों की जिला व प्रदेश स्तरीय आयोजन की तैयारी में जुटे खिलाड़ियों को अब घर बैठना होगा।
दिग्विजय स्टेडियम में हर दिन सैकड़ों खिलाड़ी अभ्यास के लिए जुटते हैं। इनमें बैडमिंटन, बास्केटबाल, क्रिकेट व वालीबाल आदि के खिलाड़ी नियमित अभ्यास भीतरी हिस्से में करते हैं। घास के मैदान में भी बड़ी संख्या में खिलाड़ी अभ्यास करते हैं। साई के बास्केटबाल खिलाड़ी भी दिग्विजय स्टेडियम में ही अभ्यास करते हैं। तीसरी लहर के कारण उन्हें भी मैदान आने से मना कर दिया गया है।
टाली जा चुकी है अभा हाकीः संक्रमण के खतरे की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने इसके पहले अखिल भारतीय हाकी प्रतियोगिता के अलावा ब्लाकों में कराई जा रही खे्ल मंडई को भी निरस्त कर दिया है।
इस कारण गांवों में स्कूल स्तर पर होने वाली प्रतियोगिताएं भी टाल दी गई है। जनवरी-फरवरी में गांव ही नहीं बल्कि शहर में भी हाकी, क्रिकेट व अन्य खेलों की प्रतियोगिताएं कराई जाती रही है। इस बार आयोजकों की सारी तैयारी धरी रह गई। प्रशासन ने पूरे जिले में धारा 144 लागू कर रखी है। हर तरह के आयोजनों पर प्रतिबंध लगा हुआ है, लेकिन शहर में इसकी धज्जियां उड़ रही है।
आश्चर्य की बात यह है कि नगर निगम के केंद्रीय कार्यालय के ठीक पास में दिग्विजय क्लब मैदान में इन दिनों उत्सव मेला चल रहा है। रात तक लोगों की भीड़ जुट रही है। चिंता की बात तो यह है शासन-प्रशासन द्वारा तय निर्देशों का पालन कराने वाला भी कोई नहीं होता। अनिवार्य रूप से मास्क, सैनिटाइजर व शारीरिक दूरी के नियमों को दरकिनार कर लोग सामान्य दिनों की ही तरह वहां व्यवहार करते देखे जा सकते हैं।
