डोंगरगांव- गुंगेरी नवागांव में सोमवार को दो साल के दुष्यंत के सिर पर स्टील की गुंडी फंस गई। मां लिसिका के साथ दुष्यंत गुंडी लेकर समीप के हैंडपंप में पानी भरने के लिए गए हुए थे। मां एक गुंडी पकड़ी थी वहीं दूसरी गुंडी दुष्यंत ने रखी थी। खेलते-खेलते दुष्यंत गुंडी को सिर पर रखकर मस्ती कर रहा था।
उसी दौरान गुंडी की मुंडी बच्चे के सिर पर जा फंसी। पिता सोनू राम यादव ने बच्चे के सिर पर फंसी हुई गुंडी को निकालने की कोशिश की। बाद में अस्पताल ले जाने पर गुंडी निकाली गई। जब वह रोना चालू किया तब मां की ध्यान बच्चे की ओर गया। दौड़ते भागते बच्चे को घर लेकर गए। घर पर आराम कर रहे पिता सोनू राम यादव को बताया। रिस्क लेते हुए घर पर रखे हुई लोहे काटने वाली आरी ब्लेड से निकालने की कोशिश भी की गई। लेकिन वे असफल रहे। बच्चा दर्द से कराह रहा था और उसका रोना बंद नहीं हो रहा था।
राजनांदगांव। दुनिया के ज्यादातर बच्चों की शरारतों पर सभी को हंसी आती है. मगर कुछ एक बार बच्चे की यही शरारतें उनके लिए परेशानी का सबब बन जाती है. इन दिनों एक बच्चे ने खेल-खेल में गुंडी में अपनी सिर फंसा लिया. जिसके बाद बड़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोंगरगांव के डॉक्टरों की टीम ने सूझ-बूझ से बड़ी मुश्किल से बच्चे के सिर से गुंडी निकाला बच्चे के जान बचाई.
हम सभी ये बात अच्छे से जानते हैं कि बच्चे खूब शरारत करते हैं, मगर कुछ एक बार ये शरारतें बच्चों को बड़ी महंगी पड़ जाती है. ऐसा ही एक वाकया तब देखने को मिला, जब एक बच्चे का सिर सिर से गुंडी में फंस गया.
जिसके बाद बच्चा बुरी तरह तड़पने लगा.
जब घरवाले बच्चे का सिर गुंडी से नहीं निकाल सके. इसके बाद बच्चे को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोंगरगांव के डॉक्टरों लाया गया. जहां डॉक्टरों की टीम कड़ी मशक्कत के बाद बच्चे को बचाने में कामयाब रही.
मिली जानकारी के अनुसार मासूम ने खेलते समय गुंडी के अंदर सिर डाल लिया. इसके बाद उसने काफी जोर लगाए मगर फिर भी सिर गुंडी में फंसा रहा. जब बच्चा बुरी तरह छटपटाने लगा, परिजनों ने भी बच्चे के सिर को गुंडी से निकालने की कई कोशिश की, लेकिन कोई फायदा नहीं निकला. इसके बाद परिजन बच्चे को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोंगरगांव में पहुंचे, जहां डॉक्टरों की टीम ने सूझ बूझ के साथ सिर से गुंडी निकाली गई।
