3 दिसंबर को भारत के राष्ट्रपति राजेंद्र बाबू की 137 वीं जयंती को अधिवक्ता दिवस के रूप में मनाया गया राजेंद्र बाबू देश के प्रथम राष्ट्रपति एवं कानून के विशेषज्ञ थे साथ ही बाबू को बुजुर्गों से बड़ा ही लगाव था देश सेवा के साथ-साथ उन्होंने बुजुर्गों की सेवा पर भी अत्यंत जोर दिया था .l
3 दिसंबर शुक्रवार को वृद्ध आश्रम में अधिवक्ताओं द्वारा प्रसादी का वितरण कर श्रद्धा ओं का आशीर्वाद प्राप्त किया ।
अधिवक्ता रवि बोधानी में बताया कि राजेंद्र बाबू ने संविधान निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी वे कानून के ज्ञाता थे उन्होंने कई किताबें लिखी वे विश्व प्रसिद्ध व्यक्ति थे उनको प्यार से काका के नाम से पुकारा जाता था ।
इस अवसर पर अधिवक्ता गण रवि बोधानी, मुकेश अहिरवार अ शकुंतला साहू अधिवक्ता वर्षा श्रीवास्तव त्रिदेव साहू, आशीष गंगवानी कमल साहू आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
यह जानकारी रवि बोधानी द्वारा दी गई l
