वर्ष में एक बार भक्तजनों को मिलता है ऐसा अवसर
राजनांदगांव। संस्कारधानी नगरी के हृदय स्थल में विराजित श्री सत्यनारायण भगवान का मंदिर विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों के लिए प्रसिद्ध है वर्ष भर अनेक धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से हिंदू संस्कृति को जीवंत रूप प्रदान करने का कार्य मंदिर समिति करते आ रही है। इसी के तहत शरद पूर्णिमा महोत्सव का कार्यक्रम 19 अक्टूबर को संपन्न हुआ। पूर्णिमा 20 अक्टूबर को सुबह के समय रहेगी, अतः श्री सत्यनारायण भगवान का दूध अभिषेक जो वर्ष में केवल एक बार किया जाता है का कार्यक्रम 20 अक्टूबर मंगलवार को सुबह 9:00 बजे से 10:30 बजे तक आयोजित किया गया है। श्री सत्यनारायण मंदिर समिति के उत्सव प्रभारी राजेश शर्मा, पवन लोहिया, श्याम खंडेलवाल एवं लक्ष्मण लोहिया ने जानकारी दी है कि वर्ष में एक बार ही श्री सत्यनारायण भगवान के दर्शन बिना आभूषणों के एवं बिना साज-सज्जा के होते हैं, ऐसे अवसर का लाभ अधिकाधिक भक्तों को प्राप्त करना चाहिए। इसी प्रकार श्री सत्यनारायण भगवान का अभिषेक वर्ष में एक बार किया जाता है अतः नगर की धर्म प्रेमी माताओं-बहनों एवं बंधुओं से आग्रह है कि अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर दूध अभिषेक करके अपनी मनोकामना पूर्ण करें। दूध अभिषेक के पश्चात श्री सत्यनारायण भगवान की कथा होगी एवं दूध अभिषेक का प्रसाद वितरित किया जावेगा।
