
राजनांदगांव। 12 अक्टूबर। शासकीय अधिकारी व कर्मचारी किस तरह अपने पद और पावर का दुरुपयोग करते है इसका उदाहरण आरटीओ कार्यालय राजनांदगांव में स्पष्ट देखा जा सकता है। आरटीओ कार्यालय में विगत एक माह से पदस्थ आरटीआई सनत कुमार जांगड़ेे के कार्यप्रणाली और उनके बातो से पता चलता है। एसएन जांगड़े अभी वर्तमान में लाइसेंस टेस्ट और वाहनों के फिटनेस टेस्ट तथा वाहनों में पुराने गाड़ियों के नाम ट्रान्सफर, एचपी दर्ज, एचपी निरस्त तथा डुप्लीकेट आरसी बुक में टीप लिखने और वाहनों का वेरिफिकेशन का कार्य देख रहे है, इसमें से कोई भी कार्य उनके द्वारा अवैध वसूली के लिये रखे एक आरटीओ एजेंट को बिना दिये नही होता। श्री जांगड़े कार्यालय के कक्ष नंबर दो में बैठकर अपना कार्य करते है। उक्त कक्ष को अंदर से बांधकर किसी भी वाहन चालक, वाहन स्वामी और एजेंट को घुसने को मनाई है सिर्फ और सिर्फ उनके द्वारा नियुक्त उक्त एजेन्ट ही अंदर बाहर आ जा सकता है। श्री जांगड़े की निजी वाहन क्रमांक सीजी 04 एमडी 9040 में उन्होंने सीजी गर्वमेन्ट आगे और पीछे भी टोल टैक्स से बचने तथा अपना रौब जमाने के लिये बाकायदा छत्तीसगढ़ शासन का वाहन लिखवा दिया है और इसी वाहन से रायपुर से रोजाना आना जाना करते है। जबकि एसएन जांगड़े का हेडक्वार्टर राजनांदगांव जिला है किन्तु वे यहाँ न रूककर रोज रायपुर से आना जाना करते है टाइमबेटाइम उनके आने जाने का कोई समय नहीं है। खाना पूर्ति बाबत उन्होंने एक किराये का मकान लेकर किराये की पर्ची ले लिये है। ताकि शासन के आँखों में धूल झोंका जा सके। यदि समय रहते श्री जांगड़े के व्यवहार और अवैध वसूली के कार्य में बंदीस नही लगती तो आगे आने वाले समय में वाहन स्वामी और वाहन चालक तथा आरटीओ एजेंट उनकी शिकायत उच्च स्तर पर करने की तैयारी कर रहे है।
