कवर्धा हिंसा मामले में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भूपेश सरकार बाहर से लोगों को बुलाकर बसा रही है। अल्पसंख्यक लोगों की प्रताड़ना से ऐसे हालात हैं। ऐसे लोगों को मंत्री मोहम्मद अकबर का संरक्षण मिला है। इसी के चलते कवर्धा में ऐसे हालात बने। पूर्व CM ने कहा कि ऐसे हालात फिर से नहीं बने इसके लिए भाजपा गांव-गांव जाएगी और राज्य व्यापी मुहिम चलाएगी। रमन सिंह सोमवार को कवर्धा हिंसा मामले में गिरफ्तार आरोपियों से मिलने दुर्ग सेंट्रल जेल पहुंचे थे।
दोपहर करीब डेढ़ बजे पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने जेल के अंदर सांप्रदायिक हिंसा मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों से मुलाकात की। डॉ. सिंह ने कहा कि जितने भी लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है वह पढ़े-लिखे किसान और बहुसंख्यक वर्ग के लोगों के बेटे हैं। नवरात्र के पावन दिनों में इन लोगों को जेल के अंदर डालकर राज्य सरकार बहुत गलत संदेश दे रही है। राज्य की जनता अब जाग चुकी है और सरकार के तीन सालों के कार्यकाल को भी देख चुकी है।
कवर्धा हिंसा के लिए पुलिस पूरी तरह से जिम्मेदार
डॉ. रमन सिंह ने कवर्धा में हुई हिंसा के लिए पूरी तरह से पुलिस को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि जिस चौक की यह घटना है वहां सालों से भगवा झंडा लहराता आया है। दुर्गेश नाम का युवक इस बार भी वहां भगवा झंडा लगाने के लिए गया था। जिस तरह विशेष संप्रदाय के लोगों ने भगवा झंडे को पैरों से कुचला और दुर्गेश को घेराबंदी करके मारा यह साफ दर्शाता है कि वहां ऐसे लोगों को मंत्री और सरकार की शह मिली है। इतना ही नहीं जब दुर्गेश घायल हालत में ऐसे लोगों के खिलाफ एफआईआर कराने पहुंचा तो पुलिस ने 48 घंटे तक मामला दर्ज नहीं किया। इससे साफ है कि इसके लिए पूरी पुलिस जिम्मेदार है। पुलिस की गलत कार्य शैली के चलते ही कवर्धा में यह आक्रोश फूटा है।

कवर्धा दंगे में गिरफ्तार लोगों से मिलने सेंट्रल जेल दुर्ग पहुंचे डॉ. रमन सिंह।
प्रदेश में हो रही है तुष्टिकरण की राजनीति
डॉ. रमन सिंह ने कहा कि प्रदेश में तुष्टिकरण की राजनीति हो रही है। धार्मिक भावना आहत होने से कवर्धा में हजारों की संख्या में लोकल और बाहर से बहुसंख्यक वर्ग के लोग पहुंचे। उन्होंने बिना शांति व्यवस्था भंग किए अपना विरोध दर्ज कराया। इसके बाद भी पुलिस ने चुन-चुन कर 60-70 लोगों को गिरफ्तार कर समाज में गलत संदेश दिया है। राज्य सरकार तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है। उसकी इस प्रताड़ना से कोई डरने वाला नहीं है। भाजपा ऐसे लोगों के साथ है। वह सड़क से लेकर न्यायालय तक की लड़ाई लड़ेगी।
गृहमंत्री को समझ ही नहीं आता क्या करना है
ताम्रध्वज साहू के ऊपर निशाना साधते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि गृह मंत्री को यही समझ नहीं आता है कि उन्हें क्या करना है। इतना बड़ा सांप्रदायिक दंगा हुआ, गृह मंत्री ने इसकी कोई जानकारी लेना ही मुनासिब नहीं समझा। वह आज तक न तो कवर्धा गए और न ही किसी का हाल जानने की कोशिश की है। उनकी सरकार यह तक पता नहीं लगा पा रही है कि आखिर दंगे के दौरान गायब हुए दुर्गेश देवांगन और एक अन्य साथी कहां गया। उनके परिजन उन्हें खोज-खोज कर परेशान हैं, लेकिन उनका कहीं पता नहीं चल रहा है।
भूपेश कर रहे हैं उत्तर प्रदेश से चुनाव लड़ने की तैयारी
डॉ. रमन सिंह ने भूपेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य में 500 से ज्यादा किसानों ने आत्महत्या कर ली। 40 पंडो जाति के लोगों की हत्या हो गई। आज तक कांग्रेस सरकार उनके लिए कुछ नहीं दे पाई और उत्तर प्रदेश के लोगों को 50 लाख का मुआवजा देने की घोषणा कर रही है। ऐसा लगता है कि बघेल उत्तर प्रदेश से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं।
पूरी तरह से दिवालिया हो चुकी है राज्य सरकार
रमन सिंह ने कहा कि राज्य की भूपेश सरकार कर्ज के बोझ तले पूरी तरह से दब चुकी है। वह पूरी तरह से दिवालिया हो चुकी है। यही कारण है कि विकास के कार्यों को करवाना तो दूर वह सालाना मेंटिनेंस तक नहीं करवा पा रही है। इसके चलते सड़कों की हालत पूरी तरह से खराब हो चुकी है। हाईकोर्ट को इस पर संज्ञान लेना पड़ रहा है। न्यायालय सरकार को कह रहा है आखिर सड़कों के गड्ढे तो पाटो, आम जनता परेशान हो रही है।
