केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना जिसके तहत कोविड काल में 80 करोड़ परिवारों को प्रति व्यक्ति 5 किलो अनाज एवं दाल का निशुल्क वितरण राज्य सरकार को किया गया था, जिसकी सहमति भूपेश बघेल ने स्वयं दी है। उक्त 5 किलो अनाज जो कि भूपेश सरकार द्वारा गरीबों को निशुल्क वितरण किया जाना था उसे न बांटकर भूपेश सरकार ने गरीबों की थाली में कांटा मारी करने का कार्य किया है।
डॉ.सिंह ने कहा कि भूपेश बघेल को राजनांदगांव के नाम से चिढ़ लगती है। इसलिए उन्होंने कई विभागों को दुर्ग रायपुर स्थानांतरित किया है। परंतु वह जनता को आश्वस्त करना चाहते हैं कि राजनांदगांव के अधिकार को कोई छीन नहीं सकता। जैसे ही भाजपा की सरकार आएगी सारे विभाग वापस लाए जाएंगे। डॉ. सिंह ने कहा कि करोड़ों रुपए का घोटाला भूपेश सरकार ने किया है। इस पर कड़ी निंदा करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ.सिंह सोमवार को एक दिवसीय धरने पर बैठे और संबोधित करते हुए कहा कि भूपेश सरकार गरीबों के चावल को पंचायतों के माध्यम से 32 रुपए किलो में बेचने का कार्य कर रही है। साथ ही डॉ.सिंह ने भूपेश सरकार की नाकामी को उजागर करते हुए बताया कि रेत घोटाला कर रेत को अन्य राज्य में बेचकर रेट बढ़ाने का कार्य, शराब घोटाले के तहत 30 प्रतिशत शराब का पैसा अवैध ढंग से एकत्र करना, इसी तरह से जमीन का घोटाला, सीमेंट का घोटाला, छत्तीसगढ़ में घोटालों की सरकार लगातार कीर्तिमान बना रही है।
हिंदू समाज आक्रोशित हो उठा है: डॉ. सिंह ने कवर्धा की घटना पर प्रतिकार करते हुए कहा कि अगर 2 दोषियों को, जिन्होंने भगवा ध्वज को पैरों से कुचलने का दुस्साहस किया उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाती तो मामला समाप्त हो जाता। परंतु तथाकथित मंत्री के फोन आने के बाद 48 घंटों तक उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं करने पर हिंदू समाज आक्रोश है। उन्होंने दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग रखी। डॉ.रमन ने कहा कि पूरे छत्तीसगढ़ में सांप्रदायिक सौहार्द्र की मिसाल दी जाती है और इस मिसाल को बिगाड़ने का कार्य भूपेश सरकार ने किया है।
छत्तीसगढ़ को कर्ज के बोझ में डाल दिया
सिंह ने कहा कि भूपेश सरकार ने मात्र ढाई वर्ष के कार्यकाल में 33 हजार करोड़ का ऋण लेकर छत्तीसगढ़ को कर्ज के बोझ में डाल दिया है जबकि भाजपा की 15 वर्षों की सरकार ने मात्र 25 हजार करोड़ का ऋण लिया था। डॉ.रमन सिंह ने भाजपा की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि गांव गरीब और किसान की चिंता भाजपा की पहली प्राथमिकता है। इसी विचारधारा के आधार पर केंद्र में बैठी मोदी सरकार ने करोड़ों शौचालय का निर्माण, गैस सिलेंडर घर-घर तक पहुंचाना, कच्चे मकानों को पक्का बनाना, 11 करोड़ किसानों को 6000 रुपए वार्षिक किस्त देना, जन धन योजना के तहत गरीबों का खाता खोलना, बहुप्रतीक्षित राम मंदिर का निर्माण, ट्रिपल तलाक, धारा 370 को हटाना इस तरह की कई उपलब्धियां केंद्र में बैठी नरेंद्र मोदी सरकार ने हासिल की है।
अनाज घोटाले का आरोप राज्यपाल से जांच की मांग
प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष खूबचंद पारख ने कहा कि केंद्र में बैठी मोदी सरकार ने प्रति व्यक्ति 5 किलो अनाज देने की घोषणा की थी जिसके घर में 4 सदस्य हैं उसे 20 किलो अनाज का वितरण करना था परंतु भूपेश सरकार ने सिर्फ 5 किलो वितरण किया। इस तरह से 15 किलो अनाज महंगे दाम में बेचा गया। जिसके घोटाले की जांच की मांग आज राज्यपाल से करने जा रहे हैं। धरने प्रदर्शन में युवा नेता नीलू शर्मा ने भी संबोधन दिया। धरने में वरिष्ठ भाजपा नेता लीलाराम भोजवानी, मधुसूदन यादव, सचिन बघेल, सन्तोष अग्रवाल, पूर्णिमा साहू, तरुण लहरबानी, अतुल रायजादा, रोहित चंद्राकर, राजेश श्यामकर, रघुवीर वादवा, अशोक चौधरी सहित कार्यकर्ता उपस्थित थे। संचालन वरिष्ठ भाजपा नेता राजेंद्र गोलछा व आभार प्रदर्शन जिला भाजपा अध्यक्ष मधुसूदन यादव ने किया।
