.मुख्य अतिथि ने कहा ‘हिंदी है संस्कार और संस्कृति की भाषा’………..
नया रायपुर -राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र छत्तीसगढ़ द्वारा हिन्दी पखवाड़े का आयोजन किया गया। महानदी भवन मंत्रालय, नया रायपुर में १४ से २८ सितंबर तक चलने वाले इस आयोजन शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय, राजनांदगांव के प्रोफेसर डॉ शंकर मुनि राय ने मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया। इस अवसर पर आपने कहा कि हिंदी सिर्फ भाषा ही नहीं बल्कि एक संस्कृति भी है, यह हमें संस्कार भी देती है। भारत की सांस्कृतिक एकता को जोड़ने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। इसमें देशी-विदेशी भाषाओं के समन्वय की अद्भुत क्षमता है। अतः हमें चाहिए कि हम इसे नई पीढ़ी को सौंपने के लिए अपने घरों में हिंदी बोलने-पढ़ने का माहौल पैदा करें। वैश्विक रोजगार के लिए विविध भाषाओं की जानकारी जरूरी है,पर हिंदी की उपेक्षा करके हम उन्नति नहीं कर सकते।राज्य सूचना अधिकारी एवं उपमहानिदेशक डॉ ए. के. होता की अध्यक्षता में आयोजित समापन समारोह में प्रदेश के विभिन्न जिलों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने आनलाइन जुड़कर कार्यक्रम को संबोधित किया।

समारोह का प्रारंभ माता सरस्वती की पूजा-अर्चना से हुआ। उसके बाद संस्थान द्वारा मुख्य अतिथि डॉ शंकर मुनि राय को शाल-श्रीफल प्रदान कर सम्मानित किया गया। उसके बाद आपने संस्था द्वारा प्रकाशित मासिक हिंदी पत्रिका ‘द इंफोनिक’ के पहले अंक का विमोचन किया। फिर विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं के विजेताओं को प्रमाण पत्र प्रदान कर पुरस्कृत किया गया।
समारोह का संचालन करते हुए संस्थान के उपनिदेशक श्री सत्येश कुमार शर्मा ने बताया कि इस हिंदी पखवाड़े में अहिंदी भाषी स्टाफ के लिए हिंदी ज्ञान प्रतियोगिता सहित सभी के लिए हिंदी निबंध लेखन एवं हिंदी काव्यपाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। प्रतियोगिता में प्रदेश के सभी जिला सूचना केंद्रों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सहर्ष भाग लिया था। इस अवसर पर राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र छत्तीसगढ़ के तमाम अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

