झारखंड के देवघर जिले में प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर के कपाट सात महीने बाद शनिवार को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। पुलिस अधीक्षक धनंजय कुमार सिंह ने कहा कि ई-पास वाले करीब 1,000 श्रद्धालुओं को सुबह छह बजे से शाम चार बजे तक पूजा करने की अनुमति दी गई।
उन्होंने कहा कि अनंत चतुर्दशी के मद्देनजर श्रद्धालुओं के अधिक भीड़ होने की संभावना को देखते हुए रविवार को अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि मंदिर से कुछ दूरी पर मानसरोवर में उनके ई-पास की जांच के बाद ही श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में प्रवेश की अनुमति दी गई।
भाजपा कर चुकी पट खोलने के लिए प्रदर्शन
देवघर से भाजपा विधायक नारायण दास रांची में विधानसभा के बाहर डमरू बजाकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया था और मंदिर खोलने की मांग की थी। नारायण दास ने कहा था कि बाबा बैद्यनाथ धाम देवघर ही नहीं, बल्कि देश के लिए आस्था का केंद्र है। मंदिर से हजारों लोगों का जीवन चल रहा है। मैं सरकार से जल्द ही मंदिर खोलने की मांग करता हूं।
धार्मिक संगठनों ने खटखटाया था सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा
बैद्यनाथ मंदिर और वासुकीनाथ मंदिर खोलने की मांग को लेकर कुछ धार्मिक संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। संगठनों की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। मंदिरों को खोलने की मांग पर जल्द सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट ने साफ इनकार कर दिया था। मुख्य न्यायाधीश एनवी रमण ने कहा कि मामला प्रक्रिया के तहत तय तारीख पर सुना जाएगा। इसपर तुरंत सुनवाई जरूरी नहीं है।
