पंजाब में उठी नेतृत्व परिवर्तन की मांग राजस्थान होते हुए छत्तीसगढ़ जाती दिखाई दे रही है। पंजाब में मचे सियासी उठापटक के बाद दोनों कांग्रेस शासित राज्यों में हलचल तेज हो गई है। राजस्थान में सीएम अशोक गहलोत और डिप्टी सीएम सचिन पायलट के गुटों में सक्रियता बढ़ गई है। दोनों ही पक्षों के कई नेताओं ने दिल्ली में डेरा जमा लिया है। सीएम गहलोत राज्य के अपने सरकार निवास से फोन के जरिए अपने विश्वस्त और केंद्रीय नेताओं से संपर्क में हैं। सूत्रों के मुताबिक, कुछ दिन पहले ही पायलट अपना दिल्ली दौरा कर चुके हैं। इस दौरान वे कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और प्रदेश प्रभारी अजन माकन से मुलाकात कर चुके हैं।
पंजाब के घटनाक्रम के बाद पायलट सर्मथकों को आस जागी है कि पंजाब के बाद अब हाईकमान राजस्थान के मसले पर भी तेजी से ध्यान देगा। जल्द से जल्द राजस्थान के मामले का भी निपटारा कर देगा। पायलट समर्थक विधायक भी अपनी बात रखने के लिए दिल्ली के दौरे कर रहे हैं। वे लगातार अपनी बात रखने के लिए हाईकमान से समय मांग रहे हैं। इधर, सीएम गुट के विधायक आश्वस्त नजर आ रहे हैं कि हाईकमान ऐसा कोई फैसला नहीं करेगा, जिससे गहलोत को परेशानी हो। राजस्व मंत्री हरीश चौधरी, चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा समेत कई नेता गहलोत के समर्थन में लॉबिंग में लगे हुए हैं। इसी बीच राज्य के प्रभारी अजय माकन अपनी रिपोर्ट कुछ दिनों पहले ही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को सौंप चुके हैं।
सब कुछ ठीक है: सिंहदेव
इधर, छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव सोमवार सुबह फिर दिल्ली आ गए हैं। मंत्री के करीबियों के मुताबिक, मंगलवार को उनकी बहन का जन्मदिन है। इस मौके पर परिवार के सभी लोग दिल्ली में एकत्र हो रहे हैं। मंत्री सिंहदेव भी इस कार्यक्रम में शामिल होकर वापस रायपुर जाएंगे। सोमवार को मीडिया से चर्चा करते हुए देव ने कहा कि ये मेरा निजी दौरा है। हमारे राज्य में सबकुछ ठीक चल रहा है। बार-बार हमें ढाई साल वाले फॉर्मूले पर चर्चा नहीं करनी चाहिए। जितना उस पर बोलना था मैं बोल चुका हूं। इस दौरे के दौरान मेरी पार्टी हाईकमान से कोई मुलाकात नहीं है। सभी को पता है कि वे दिल्ली में हैं भी नहीं।
