दिग्विजय कॉलेज के समीप स्थित मुक्तिबोध संग्रहालय और सृजन संवाद भवन की तस्वीर बदलेगी। भवन की लाईटिंग, रंग-रोगन तथा मरम्मत कार्य कराया जाएगा। नाचा एवं विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए भवन के निकट स्थित ओपन थियेटर का उपयोग कर नगर में परफार्मिंग आर्ट को बढ़ावा दिया जाए। यहां साहित्य, सांस्कृतिक गतिविधियां एवं संगोष्ठी होगी। इसके देखरेख और प्रबंधन की जिम्मेदारी दिग्विजय महाविद्यालय को सौंपी गई है।
सृजन संवाद भवन का निर्माण साहित्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए ही बनाया गया था पर देखरेख के अभाव में लंबे समय से इस भवन का उपयोग नहीं हो पा रहा था। कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने मुक्तिबोध संग्रहालय एवं सृजन संवाद भवन के रखरखाव एवं प्रबंधन की जिम्मेदारी शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय को सौंपते हुए निर्देशित किया गया है कि यह भवन जिले की धरोहर है, जिसका रखरखाव बेहतरीन तरीके से होना चाहिए। इस संबंध में कलेक्टर ने बैठक भी ली।
साहित्यकारोें ने रखे विचार: बैठक में वरिष्ठ साहित्यकार व इतिहासकार गणेश शंकर शर्मा, नगर निगम आयुक्त आशुतोष चतुर्वेदी, शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. बीएन मेश्राम, विभागाध्यक्ष डॉ. शंकर मुनिराय, विभागाध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर शर्मा, पत्रकार सुशील कोठारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। साहित्यकारों ने भी अपनी ओर से राय दी कि भवन को व्यवस्थित किया जाएगा। यहां पर सुविधाएं बढ़ाने की बात कही गई ताकि कोई भी साहित्यिक कार्यक्रम आसानी के साथ हो सके। बताया गया कि जिले में साहित्यक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में गतिशीलता आएगी और नागरिक इनसे जुड़ सकेंगे।
रात में संदिग्धों की आवाजाही, सुरक्षा इंतजाम भी जरूरी
इस परिसर की ओर रात में कई संदिग्ध लोगों की आवाजाही होती रहती है। इसलिए परिसर में सुरक्षा बढ़ाने की भी बात रखी गई है। बताया गया कि परिसर में रात को नशेड़ियों का जमघट रहता है।
समिति बनाई जाएगी
कलेक्टर ने भवन की लाइटिंग, रंग-रोगन और भवन की मरम्मत के लिए नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि यहां साहित्य तथा सांस्कृतिक गतिविधियां एवं संगोष्ठी होनी चाहिए। इसके लिए साहित्यिक विचारधारा से जुड़े लोगों की समिति बनाकर कार्य किया जाएगा।
स्थिति सुधारी जाएगी
त्रिवेणी परिसर में स्थित मूर्धन्य साहित्यकारों की प्रतिमाओं की भी मरम्मत कराने और देखरेख की जिम्मेदारी सौंपी गई। कलेक्टर ने निगम के अफसरों को निर्देशित किया है कि इस परिसर का सौंदर्यीकरण कराएंगे ताकि लोग यहां सैर, सपाटे के लिए आएं। यहां लोग मॉर्निंग वाक के लिए आते हैं। इंटरलॉकिंग उखड़ गए हैं।
