राजनांदगांव. राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के मौके पर संघर्षशील प्रेरक पंचायत कल्याण संघ द्वारा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर नई साक्षरता नीति का विरोध कर काला दिवस मनाया गया और काली पट्टी बांधकर कलेक्ट्रेट के सामने धरना प्रदर्शन किया गया।
संघर्षशील प्रेरक पंचायत कल्याण संघ द्वारा राजनांदगांव शहर के कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने राष्ट्रीय साक्षरता दिवस को काला दिवस के रूप में मनाते हुए विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान प्रेरक संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि नई साक्षरता योजना से देशभर में लगभग 5 लाख प्रेरक बेरोजगार हुए हैं, जबकि साक्षरता मिशन में कार्य करने का प्रेरकों को 10-12 वर्षों का अनुभव रहा है, इसके बावजूद उन्हें कार्य से वंचित कर दिया गया।
कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने बैठकर प्रेरकों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। वहीं प्रधानमंत्री के नाम सौंये गए अपने ज्ञापन में उन्होंने कहा कि साक्षरता मिशन के अंतर्गत 10-12 वर्षों से अल्प मानदेय 2 हजार रूपये में कार्य करने वाले प्रेरकों को नई साक्षरता नीति की वजह से 31 मार्च 2018 को बेरोजगार कर दिया गया। इसी वजह से प्रेरक संघ ने राष्ट्रीय साक्षरता दिवस को काला दिवस के रूप में मनाया और धरना प्रदर्शन कर प्रेरकों को स्थाई रूप से रोजगार देने की मांग की है।
