कुम्हारी के करीब प्रशासनिक लापरवाही का खामियाजा मार्ग से गुजरने वाली जनता भुगत रही है। इस मार्ग पर फ्लाईओवर का निर्माण किया जा रहा है। इसके चलते इस क्षेत्र से गुजरने वाली नाली को 4 जगहों पर पाट दिया गया है। यानी पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। इसके चलते बारिश होते ही नाली का पानी एनएचआई पर पहुंच रहा है। इससे रोजाना जाम के हालात बन रहे हैं।
सोमवार की तड़के हुई बारिश के बाद पुन: बड़ी मात्रा में पानी जमा हो गया। ड्रेनेज सिस्टम के जाम होने से नंदनवन मुख्य द्वार से लेकर कुगदा तक करीब तीन किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गई। फ्लाईओवर निर्माण के दौरान गुजरने वाली नाली को बंद कर दिया है। इसके चलते बारिश व नाली से पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। पिछले तीन महीने से यह समस्या बनी हुई है। पिछले 3 से 4 दिनों में समस्या बढ़ गई है। बावजूद गंभीरता से नहीं लिया गया है। इसके चलते सुबह 8.30 बजे से कुम्हारी में हाईवे पर पानी जमा हो गया।
लापरवाही एजेंसी की, भुगता लोगों ने
- 800 मीटर लंबी निर्माणाधीन फ्लाई ओवर
- 30 नवंबर तक पूरा किया जाना है फ्लाई ओवर का काम
- 03 साल पहले काम की हुई शुरुआत
- 04 जगहों पर नाली को बेवजह पाट दिया गया
शिकायत का असर नहीं : आप भी जानिए… क्यों भरा रहा पानी

सोमवार को सड़क के दोनों तरफ घंटों का जाम लगा रहा। सड़क के ऊपर से ही 6 इंच तक पानी बह रहा था।
4 जगहों पर नालियां जाम, जिसकी वजह से दिक्कत
कुम्हारी के करीब कपड़ा मार्केट, कुम्हारी स्टेशन चौक, मस्जिद के पास और एसबीआई एटीएम के पास नालियां जाम हैं। इस जगह पर बड़ी मात्रा में मिट्टी आने की वजह से नाली जाम हो गई है। सड़क के दोनों तरफ नालियां जाम है। कुम्हारी थाने के पास से पानी जमा होना शुरू होता है। नेशनल हाइवे और रेलवे ट्रैक के बीच में एक नहर है। डीएमसी कुगदा के पास इसके लिए एक छोटा सा बांध भी बना है। वहीं रायपुर वाली छोर में पुराने ग्रामीण बैंक के पास फ्लाइ ओवर निर्माण का मटेरियल पड़ा हुआ है। यह किसी खेत के मेढ़ जैसी ऊंची हो गई है। लोग इससे खासे परेशान हैं।
रायपुर से दुर्ग आने के लिए वैकल्पिक मार्ग नहीं
दुर्ग से रायपुर की ओर जाते समय एनएच में निर्माणाधीन स्थान पर जाम हो तो कृष्णा नर्सिंग होम से भीतर घुसकर अहिवारा मार्ग और कुम्हारी बस्ती होते हुए नगर पालिका ऑफिस के पीछे से आकर पुन: एनएचआई में आ सकते हैं। इसमें करीब तीन किलोमीटर अतिरिक्त सफर करना पड़ता है। रायपुर से दुर्ग की ओर आने के लिए वैकल्पिक मार्ग नहीं है।
दोपहर बाद नाली से मिट्टी निकाली, समाधान नहीं
मार्ग से गुजरने वालों और सड़क के किनारे खुली दुकानों में हो रही परेशानियों को देखते हुए पहले एनएचएआई के अधिकारियों को फोन लगाया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई रिस्पांस नहीं मिला। फिर व्यापारी संघ के पदाधिकारियों और स्थानीय लोगों ने मामले की शिकायत नगर पालिका में की। तब जेसीबी मंगाई गई। इसके बाद नाली से मलबा बाहर निकाला गया।
दिनभर हादसे का शिकार होते रहे लोग
सोमवार को जमा पानी की वजह से पूरे दिन लोग हादसेे का शिकार होते रहे। वैकल्पिक मार्ग नहीं होने से जमा पानी के बीच से ही दोपहिया वाहन गुजारना पड़ा। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों के वाहन भी बंद पड़ गए। इधर भारी वाहनों के गुजरने की वजह से पूरे मार्ग पर जानलेवा गड्ढे भी बन आए, जिनका मेंटेनेंस तक नहीं हुआ।
जानिए क्या कहना है जिम्मेदारों का
ब्रिज निर्माण के दौरान खोदे गड्ढे, निकली मिट्टी ने नाली को कर दिया है जाम
^पिलर के लिए खुदाई की गई, लेकिन इससे निकलने वाली मिट्टी को बाहर फेंकने की स्थाई व्यवस्था नहीं की गई। पानी के साथ ही मिट्टी बहकर नालियों में पहुंचा और नालियां जाम हो गई। नालियों को सफाई कराई गई है।
