शहर के कमला कॉलेज मार्ग पर बनी दुकानों के आवंटन का विवाद गहरा गया है। इस हिस्से में पूर्व में काबिज 22 दुकानदारों को नोटिस देकर हटाया गया था, जहां कांप्लैक्स बनने के बाद अब सिर्फ 13 हितग्राहियों को ही दुकानें आवंटित की गई है। शेष हितग्राही अपने हिस्से की दुकान मांगने चक्कर काट रहे हैं।
निगम के नेता प्रतिपक्ष किसुन यदु सहित भाजपा नेताओं ने इसके खिलाफ शुक्रवार को कलेक्टोरेट में प्रदर्शन भी किया। उन्होंने कलेक्टर को ज्ञापन देकर आवंटन में हुई मनमानी और हितग्राहियों की अनदेखी की जांच करने की मांग की है। इधर दुकानों के पात्र हितग्राही भी अब आक्रोशित हो गए हैं। उन्होंने जल्द ही अपने हिस्से की दुकान नहीं मिलने की स्थिति में चक्काजाम करने की चेतावनी भी दी है। दो दिन पहले ही निगम प्रशासन की ओर से दुकान आवंटन को एमआईसी बैठक में रखा गया, जिसमें एमआईसी ने मुहर लगाकर कलेक्टर को अनुमोदन के लिए भेज दिया है। आरोप यह भी सामने आ रहा है कि शेष दुकानों को 7 लाख रुपए में बेचने के लिए कुछ दलाल सक्रिय हैं, जिन्हें निगम में सत्ता पक्ष का संरक्षण प्राप्त है।
आवंटन में कोई गड़बड़ी नहीं तो करें साबित: यदु
नेता प्रतिपक्ष किसुन यदु व भाजपा पार्षदों ने मामले की शिकायत कलेक्टर से की। जहां निगम प्रशासन के मनमानी के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। मामले को लेकर यदु ने कहा कि दुकान आवंटन को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई है। निगम प्रशासन ने कुछ दुकानों में ताला भी लगा दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि शेष दुकानों को 7 लाख रुपए में बेचने दलाल भी सक्रिय हैं, जो लोगों से संपर्क कर रहे हैं। उन्होंने महापौर से दुकान आवंटन में ईमानदारी साबित करने की बात कही।
आवंटन की पूरी प्रक्रिया ही अब सवालों के घेरे में
दरअसल कमला कॉलेज रोड में मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत 24 दुकानों का निर्माण किया गया है। इस हिस्से में पहले 22 दुकानदार अपने ठेले व गुमटियों के माध्यम से दुकानदारी कर रहे थे। जिन्हें बाकायदा नोटिस देकर हटाया गया और पक्का दुकान बनने के बाद उन्हें ही प्राथमिकता के आधार पर दुकानें देने की बात निगम की ओर से कही गई। लेकिन दुकान बनने के बाद 22 में से केवल 13 हितग्राही को दुकानें दी गई है। शेष को दुकानें नहीं दी गई है। जिससे विवाद बढ़ रहा है।
कांग्रेस की एमआईसी मेंबर पहले ही कर चुकी विरोध
दुकान आवंटन में सत्ता पक्ष की मनमानी का आरोप लगाकर खुद कांग्रेस की बाजार विभाग की एमआईसी मेंबर सुनीता फड़नवीस इसका विरोध कर चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया था कि बाजार विभाग की सहमति लिए बगैर निगम प्रशासन ने दुकानों का आवंटन कर दिया है, जो सीधे तौर पर जिम्मेदारों की मनमानी को साबित कर रहा है।
आवंटन का अधिकार एमआईसी को
नगर निगम आयुक्त डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने कहा कि उपलब्ध दुकानों के आधार पर आवंटन की प्रक्रिया पूरी की जाती है। दुकान आवंटन का अधिकार एमआईसी को है। एमआईसी के माध्यम से दुकानें आवंटित हुई है।






