तालिबान ने भारत की तरफ मधुर संबंध बनाने का हाथ बढ़ाया है। तालिबान लगातार भारत के साथ दोस्ताना संबंध बनाने के लिए कई बार प्रयास कर चुका है और तालिबानी राज के बाद अफगान शासकों ने भारत की चिंताओं को दूर करने में भरपूर सहयोग करने की इच्छा जताई है। ये बात विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने कही। तीन दिन की अमेरिकी यात्रा पर गए श्रृंगला ने वाशिंगटन डीसी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि फिलहाल हम पाकिस्तान पर नजर बनाए हुए हैं कि अफगानिस्तान में तालिबानी हुकूमत के बाद उसका कैसा रुख रहेगा।
विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा कि भारत को एक महीना संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता करने का मौका मिला। इस दौरान चार प्रस्ताव को स्वीकार किया गया , लेकिन अफगानिस्तान में तालिबान शासकों के साथ द्विपक्षीय संबंध बनाने पर कोई फैसला नहीं लिया गया है, क्योंकि इस पर वैश्विक स्तर पर बातचीत करने की जरूरत है। साथ ही श्रृंगला ने अफगानिस्तान में फंसे इच्छुक भारतीयों को निकालने की बात भी कही।
भारतीय विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने अमेरिका के रक्षा सचिव, कॉलिन कहल से मुलाकात की और भारत-अमेरिका रणनीतिक और रक्षा साझेदारी को आगे बढ़ाने पर चर्चा की।






