शहर में प्रतिदिन सौ फीसदी डोर टू डोर कचरा संग्रहण कर पृथक्करण करने व पृथक्करण योग्य सामग्री का विक्रय करने एवं गोधन न्याय योजना के क्रियान्वयन के लिए निकाय अंतर्गत आने वाले 4 गौठानों के उचित संचालन के लिए स्वच्छता मित्र प्रति दिवस उपलब्ध कराने नगर निगम द्वारा स्वच्छ क्षेत्रीय संघ राजनांदगांव को विधिवत कार्यादेश दिया गया था।
बावजूद संघ के सदस्य बाहरी तत्वों के प्रभाव में आकर जिला कार्यालय के सामने व निगम परिसर में धरना प्रदर्शन कर रहे थे। गौठानों में कार्य करने का विरोध कर रहे थे। इस कृत्य से संघ के सदस्यों पर संघ का नियंत्रण नहीं होना पाया गया। इसे ध्यान में रखते हुए संबंधित संघ के अध्यक्ष को निगम आयुक्त डॉ.आशुतोष चतुर्वेदी द्वारा अनुबंध की कंडिका के उल्लंघन पर नोटिस जारी किया गया। इस संबंध जानकारी मांगी गई है अन्यथा संघ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
आयुक्त डॉ.चतुर्वेदी ने बताया कि नोटिस उपरांत कार्य में सुधार नहीं होने पर कंडिका के शर्तों के अधीन विधिवत अनुबंध को निरस्त किया गया। 6 अगस्त को नोटिस के माध्यम से कबाड़ विक्रय से प्राप्त शेष उपलब्ध राशि का वितरण सदस्यों में किए जाने निर्देशित किया गया। किन्तु संबंधित संघ के द्वारा पालन प्रतिवेदन अब तक प्रस्तुत नहीं किया गया। इस संबंध में कबाड़ के विक्रय से प्राप्त राशि का सदस्यों में वितरण के संबंध में संपूर्ण दस्तावेज उपलब्ध कराने बुधवार को नोटिस जारी किया गया। इसकी जांच के लिए 6 सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया। समिति के अध्यक्ष उपायुक्त सुदेश कुमार सिंह होंगे। सदस्य प्र.कार्यपालन अभियंता जयनारायण श्रीवास्तव, प्र.सहायक अभियंता संदीप तिवारी व प्र.कार्यालय अधीक्षक अशोक चौबे होंगे। प्रस्तुतकर्ता स्टेनोग्राफर चंद्रशेखर भूआर्य व सहयोगी अभिजीत हरिहारनो रहेंगे। बताया गया कि जांच समिति अध्यक्ष स्वच्छ क्षेत्रीय संघ द्वारा प्रस्तुत सम्पूर्ण दस्तावेज की जांच 15 दिवस के भीतर कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
स्वच्छता दीदियों को वेतन नहीं बल्कि मानदेय
चार वर्ष पूर्व मिशन क्लीन सिटी योजना के अस्तित्व में आने के बाद निकाय में कचरा संग्रहण का कार्य स्वच्छता दीदियां कर रही हैं। समूह से निकायों से अनुबंध किया जाकर, नियम शर्तों के तहत दीदियों को मानदेय एवं अन्य व्यवस्था मिशन क्लीन सिटी प्रभारी के पर्यवेक्षण में किया जा रहा है। स्वच्छता दीदी दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी की श्रेणी में नहीं आते। 17 एसएलआरएम सेंटरों में 442 स्वच्छता दीदियों द्वारा कार्य किया जा रहा है। कतिपय व्यक्ति भ्रमित कर उन्हें वेतन एवं अन्य सुविधाओं की भ्रामक जानकारी दे रहे हैं। वे निकाय में मजदूर श्रमिक अथवा किसी भी रूप से दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी की श्रेणी में नहीं आते। इन्हें शासन द्वारा मानदेय के रूप में नियत राशि प्रदान की जाती है तथा इन्हें ईपीएफ, बीमा, अथवा ईएसआईसी व भविष्य निधि की पात्रता नहीं है।
