नगर निगम में दुकान आवंटन को लेकर सत्ता पक्ष में चल रहा विवाद बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को एमआईसी की बैठक रखी गई थी, जिसमें बाजार विभाग की एमआईसी मेंबर सुनीता फड़नवीस शामिल नहीं हुई। उन्होंने बैठक के बहिष्कार की सूचना पहले ही दे दी थी ।
इधर करीब 50 दिन बाद सुनीता फड़नवीस के उठाए सवाल का जवाब उन्हें आयुक्त के माध्यम से दिया गया। जिसे एमआईसी मेंबर फड़नवीस ने भ्रमित करने वाला बताया है। नियमों की अनदेखी कर गलत जवाब देने का आरोप लगाकर उन्होंने इसकी शिकायत कलेक्टर से कर दी। जिसमें निगम प्रशासन के जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई की मांग की है। मामले को लेकर अब एमआईसी मेंबर फड़नवीस की सीएम तक पहुंचने की तैयारी है। पहले ही बजट सभा में निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाकर एमआईसी मेंबर ने महापौर को ही घेर दिया था। विवाद जारी है।
बैठक में राष्ट्रीय परिवार सहायता एवं सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के पात्र आवेदनों की स्वीकृति, वार्डों में विकास कार्यों की अनुशंसा सहित पेट्रोल पंप की स्थापना, पुत्री शाला परिसर में व्यवसायिक सह आवासीय परिसर निर्माण, डोर टू डोर कचरा संग्रहण के लिए वाहन क्रय, फ्लाई ओव्हर के नीचे पार्किंग के साथ ही अन्य विषयों पर स्वीकृति प्रदान की गई।
मेंबर का आरोप, आवंटन करने सहमति नहीं ली गई
निगम प्रशासन ने स्वावलंबन योजना की दुकानों का आवंटन किया है। एमआईसी मेंबर फड़नवीस का आरोप है कि इसके लिए उनकी सहमति नहीं ली गई है। फड़नवीस के मुताबिक दुकान आवंटन के लिए बाजार विभाग के एमआईसी मेंबर की सहमति जरूरी है, लेकिन उनके अधिकारों का हनन कर नियम विपरीत दुकानों का आवंटन किया गया है। यही सवाल उन्होंने बजट सभा के दौरान सदन में भी उठाया और नियमों को लेकर आयुक्त से लिखित में जवाब मांगा। उल्लेखनीय है कि इसे लेकर लगातार खींचतान जारी है।
जवाब मिला : अधिकार में नहीं, बोलीं- भ्रमित कर रहे
दुकान आवंटन में बाजार विभाग की सहमति के संबंध में मांगा गया जवाब आयुक्त के माध्यम से एमआईसी मेंबर को दिया गया। उक्त जवाब 50 दिन बाद एमआईसी मेंबर को दिया गया है, जिसमें मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना या परिवर्तित नाम राजीव गांधी स्वावलंबन योजना के आवंटन में किसी तरह की सहमति बाजार विभाग से जरुरी नहीं होने की बात कही गई है। इसी जवाब को एमआईसी मेंबर फड़नवीस ने भ्रमित करने वाला बताया है। कहा कि इस जवाब को कूटरचित ढंग से तैयार किया गया है।
आगे भी बैठकों में शामिल नहीं होने का किया दावा
एमआईसी मेंबर फड़नवीस अब मामले को लेकर सीएम तक जाने की तैयारी में हैं। उन्होंनें बताया कि स्थानीय स्तर पर कलेक्टर से मामले की शिकायत की जा चुकी है। इसके बाद वह सीएम से मामले की शिकायत करेंगी। इधर फड़नवीस ने कहा कि जब तक पूरा मामला सुलझ नहीं जाता आगे भी निगम में होने वाली संवैधानिक सभा व एमआईसी की बैठकों में वह शामिल नहीं होगी। कुछ और भी कांग्रेस पार्षद फड़नवीस के समर्थन में उनके साथ हैं। इससे आने वाले दिनों में सत्ता पक्ष के सामने परेशानी खड़ी हो सकती है।
