बसंतपुर स्थित बिल्डिंग से मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल की शिफ्टिंग के बाद जिला अस्पताल का संचालन हो रहा है। यहां मरीजों की संख्या कम हो गई है पर 24 घंटे लोगों की आवाजाही होती रहती है। बावजूद इसके यहां पर सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं। बाहर साइकिल स्टैंड से लेकर भीतर वार्डो में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती ही नहीं है।
रात को कई संदिग्ध आवाजाही करते हैं। इसके चलते नर्सेज सहित अन्य कर्मचारी रात की शिफ्ट में डरे-सहमे ड्यूटी करने मजबूर हैं। यहां पुलिस चौकी तो स्वीकृत है पर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल की शिफ्टिंग के साथ पूरे स्टाफ को वहां भेज दिया गया है। जिला अस्पताल में केवल एक जवान की ड्यूटी लगाई जा रही है जबकि रात को बसंतपुर, राजीव नगर सहित आसपास के संिदग्ध युवकों की अस्पताल परिसर में आवाजाही होती रहती है।
डरे, सहमे हैं कर्मचारी: यहां कई बार चोरी और मारपीट जैसी घटनाएं भी हो चुकी हैं। इसके चलते कर्मचारी सहमे हुए ड्यूटी कर रहे हैं। मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के रहते यहां पर पुलिस जवानों के साथ ही निजी कंपनी के सुरक्षा गार्ड भी हर वार्ड में ड्यूटी करते थे। इसलिए दिन हो या फिर रात यहां कर्मचारी बेफिक्री ड्यूटी करते थे और रात को अस्पताल परिसर में आसानी से आवाजाही कर लेते थे।
सीधे वार्ड में पहुंच जाते हैं कर्मचारियों ने बताया कि जब से शिफ्टिंग हुई है यहां सन्नाटा पसरा रहता है पर डीएचएस के कर्मचारियों को तो ड्यूटी करनी ही पड़ती है। कर्मचारियों ने बताया कि रात को बेरोकटोक आवाजाही हो रही है। कई संदिग्ध और नशे में धुत लोग सीधे वार्ड तक पहंुच जा रहे हैं। इसलिए माहौल बिगड़ने का डर सता रहा है। अस्पताल परिसर में पहले निजी कंपनी के गार्ड रहते थे तो रोकटोक किया करते थे पर अब ऐसी व्यवस्था नहीं है।
यहां चोरी भी हो चुकी
कर्मचारियों ने बताया कि पूर्व में अस्पताल परिसर में एम्बुलेंस चालकों के साथ मारपीट की घटना हुई थी। वहीं यहां मरीजों के परिजनों के मोबाइल सहित अन्य सामानों की चोरी की घटनाएं भी सामने आ चुकी है। डॉक्टर्स, नर्सेज और कर्मचारियों सहित मरीजों के परिजनों की मोटरसाइकिल चोरी की घटना भी हो चुकी है। इसलिए यहां पर जल्द ही सुरक्षा कर्मियों की तैनाती करने की मांग हो रही है।
ओपीडी में रोकटोक नहीं
ओपीडी में सुबह मरीज इलाज कराने पहंुचते हैं। यहां सुरक्षा कर्मी नहीं होने से भीड़ लग जाती है। भीड़ को व्यवस्थित करने वाले नहीं होने से सामाजिक दूरी का भी पालन नहीं हो पा रहा है। इधर पर्ची काउंटर में भी भीड़ लग रही है। ऑनलाइन पर्ची सिस्टम नहीं होने से लोग पर्ची के इंतजार में देर तक खड़े रहते हैं।
एसपी को लिखा पत्र
सिविल सर्जन यूएस चंद्रवंशी ने इस संबंध में बताया कि पुलिस चौकी में जवानों की तैनाती के लिए एसपी को पत्र लिखा गया है। वहीं निजी सुरक्षा कर्मी रखने के लिए अभी टेंडर की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। उन्होंने बताया कि जीवनदीप समिति की बैठक में इसे लेकर चर्चा हो रही है। बजट मिलते ही व्यवस्था में सुधार करेंगे।
