बाईपास का जिन्न एक बार फिर बाहर आ रहा है,इस बार व्यवसायी अनिल जैन ने व्यवसायी कुशाल चंद्र बोथरा पर ज़मीन में हेर फेर करने का आरोप लगाया है। और मामले की शिकायत मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से की है। अनिल ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि व्यवसायी कुशाल चंद पहुंच वाले व्यक्ति है। और आरएसएस के सक्रिय सदस्य है। इसलिए राजस्व अधिकारियों के साथ मिलकर शासन को तो चूना लगा चुके है। अब उन्हें फंसाने की कोशिश कर रहे है। अनिल ने बाईपास में बांटे गए मुआवजे की जांच की मांग की है। साथ पूरे बाईपास निर्माण के जांच की मांग की है।
अनिल ने मुख्यमंत्री को की गई शिकायत में बताया है कि वे खुद अमलीडीह खुर्द की हल्का नम्बर 28 की खसरा नम्बर 105/5 का स्वामी है। और उनकी भूमि के पश्चिम में लगकर व्यवसायी कुशाल चंद बोथरा की ज़मीन है,जिसे वे क्रमशः चुम्मन लाल पटेल और शकीला बानो को बेच चुके हैं। बाईपास निर्माण में ज़मीन आने से ये दोनों खरीददार शासन से मुआवजा भी पा चुके हैं। इस खरीदी बिक्री के बाद कुशाल चंद बोथरा की उक्त स्थल पर कोई ज़मीन शेष नहीं है।
ज़मीन न होने के बाद भूमि के पश्चिम में मौजूद ज़मीन को अपना बताकर और राजस्व अधिकारियों से मिलीभगत कर खसरा नम्बर 105/13 को अपना बताकर संजय गिरी के नाम से कुशाल चंद बोथरा ने बैनामा कराया है। जबकि कुशाल चंद की उक्त स्थल पर कोई भूमि शेष नहीं है।
कुशाल चंद बोथरा नगर के प्रतिष्टित व्यवसायी हैं,जिनके पुत्र नरेंद्र बोथरा के साथ व्यवसायी अनिल जैन की मारपीट हुई थी। मारपीट उक्त स्थल पर सीमांकन के दौरान ही हुआ था। 13 अगस्त व्यवसायी सुविमल श्रीवास्तव के आवेदन पर उक्त स्थल का सीमांकन करने राजस्व निरीक्षक एवं हल्का पटवारी गए थे। सीमांकन में तहसीलदार भी पहुँचे थे। और व्यवसायी कुशाल बोथरा के पुत्र भी जबकि उक्त स्थल पर उनकी कोई भूमि शेष नहीं है।
मामले में व्यवसायी कुशाल चंद बोथरा के पुत्र नरेंद्र बोथरा ने अपना पक्ष रखा। बोथरा ने बताया कि उक्त स्थल पर उनकी कुल 53 डिसमिल ज़मीन थी। जिसमें से 7 डिसमिल ज़मीन चुम्मन पटेल और 5 डिसमिल ज़मीन शकीला बानो को बेची गई। और उसमें से भी 3 डिसमिल ज़मीन संजय गिरी गोश्वामी को बेची गई। इस तरह कुल 15 से 26 डिसमिल ज़मीन बिक चुकी है। और 17 डिसमिल जगह बाईपास निर्माण में निकली है। जिसका मुआवजा भी प्राप्त हुआ है। इन सबके बाद अभी उक्त मौके पर अभी 21 डिसमिल जगह शेष बची हुई है। अनिल जैन लगातार निराधार आरोप लगा रहे हैं और लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। दुर्भावना वश वे ऐसा कर रहे हैं।
