कोरोना, डेंगू जैसे वायरल इंफेक्शन की वजह बच्चों के पेनक्रियाज (अग्नाशय) खराब हो रहे हैं। इसकी वजह 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों में शुगर लेवल का बढ़ना है। दूसरी लहर के बाद निजी अस्पतालों में इस तरह के बच्चों की संख्या महीने में 5 से 7 तक पहुंच गई है। सामान्य दिनों में औसतन 2 से 3 बच्चे शुगर की बीमारी वाले पहुंचते थे। अब 5 से 7 की संख्या में पहुंचने लगे हैं। खांसी के साथ ही सांस में तकलीफ होने पर ऐसे बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया जाता है।
जांच में बच्चों में शुगर बढ़ी मिल रही है। रक्त में नुकसानदायक तत्व (कीटोन) बढ़ चुके होते हैं। समय पर इसकी पहचान कर इलाज नहीं नहीं हुआ तो कीटोन नाम का यह तत्व खून में एसिड पैदा करने लगता है। ऐसी अवस्था में पीड़ित बच्चा गंभीर स्थिति तक पहुंच रहे हैं। ऐसे मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक ऐसे बच्चों में एंटी बॉडी भी मिली है। इससे आशंका जताई जा रही है कि इन बच्चों में कोरोना का संक्रमण हुआ, लेकिन लक्षण सामने नहीं आए। इस वजह से उनके परिजनों को कोरोना होने का पता ही नहीं चल पाया। हालांकि एंटी बॉडी बनने की वजह से स्पष्ट कारण पता नहीं चला है।
एक्सपर्ट का कहना : फिलहाल सामने आने वाले वायरल की वजह से ही शुगर लेवल बढ़ रहा
केस-1 बच्चे की शुगर बढ़ने से खून में कीटोन भी मिल रहे
जिला अस्पताल की पीडियाट्रिशियन डॉ. सीमा जैन बताती हैं कि पांच दिनों पहले उनकी ओपीडी में 2 साल का एक बच्चा गंभीर स्थिति में पहुंचा था। परिजनों से पूछने और क्लीनिकली देखने पर वायरल की हिस्ट्री मिल रही थी। लेकिन जांच हुई तो निमोनिया व शुगर बढ़ी मिली। इसकी वजह बच्चे के खून में कीटोन (नुकसानदायक तत्व) बनने लगे थे। कीटोन के कारण खून में एसिड बढ़ने से गंभीर स्थिति आ सकती थी, लेकिन उन्होंने बच्चे को तत्काल इंसुलिन देना शुरू किया।
केस- 2 निमोनिया समझ रहे थे, लेकिन शुगर निकला
नेहरूनगर के के एक हॉस्पिटल के पीडियाट्रिशियन डॉ. अंकुर परिजन बताते हैं कि 10 दिन पहले उनके यहां सांस की तकलीफ के साथ सिंधी कालोनी निवासी 5 वर्षीय बच्चा भर्ती हुआ। उसके परिजन बच्चे को कई दिनों से सुस्ती व बता रहे थे। क्लीनिकली देखने के बाद जांच कराई गई तो बच्चे की शूगर बढ़ी मिली। शुगर की वजह खून में कीटोन का बनना मिला। इसी वजह बच्चे को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। इंसुलीन देकर शुगर कंट्रोल किया तो बच्चा सामान्य हो गया।
केस-3 बच्चे को बुखार रहता था, जांच हुई तो शुगर निकला
शास्त्री नगर के एक हॉस्पिटल के पीडियाट्रिशियन डॉ. रूपेश अग्रवाल बताते हैं कि 15 दिनों पहले उनके यहां बुखार से पीड़ित एक बच्चा आया था। क्लीनिकली देखने पर उस वायरल के लक्षण मिल रहे थे। जांच कराई तो शुगर की रीडिंग बढ़ी मिली। वायरल इंफेक्शन की वजह ही उसे ऐसा हुआ था। क्योंकि शूगर की वजह ब्लड में किटोन बनने लगे थे, इंसुलीन देने पर शूगर कंट्रोल होने के साथ ही किटोन भी यूरीन होने के साथ निकल गए। पांच दिनों के ट्रीटमेंट से बच्चा स्वस्थ हो गया।
जानिए वायरल इंफेक्शन की वजह, जिससे शुगर बढ़ रहा
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सत्येन डी ग्यानी बताते हैं कि वायरल इंफेक्शन जैसे कोरोना, डेंगू या अन्य की वजह बच्चों के पैंक्रियाज डैमेज हो जाते हैं। ऐसे में शुगर मेनटेन करने वाले इंसुलीन का बनना बंद हो जाता है। परिजन योग्य डॉक्टर से नहीं मिले तो शुगर की रीडिंग बढ़ती जाती है। आगे खून में बढ़ी शुगर कीटोन में परिवर्तित होने लगती है। कीटोन चूंकि खून में एसिड प्रोड्यूस करते हैं। इसलिए बच्चे को सांस में तकलीफ होने लगती है। ऐसी स्थिति में भी सही इलाज नहीं मिला तो मौत हो सकती है।
