राजनांदगांव। ब्लाक के सोमनी-इंदावानी खार स्थित करीब 30 एकड़ में लगी धान की फसल को मवेशियों ने चट कर दिया है। पूरी फसल खराब हो गई है। इसको लेकर किसान आक्रोशित हो गए हैं। भड़के सोमनी क्षेत्र के किसानों ने इंदावानी के पशुमालिकों के नाम से पुलिस में शिकायत तक दर्ज कराई। वहीं मवेशियों को पकड़कर सोमनी मुक्तिधाम में बनाए अस्थाई कांजी हाउस में रखवाया है। बड़ी बात यह है कि क्षेत्र के किसान कमजोर बारिश की वजह से फसल को लेकर पहले ही परेशान हैं। सिंचाई की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसी स्थिति में फसलों का रखरखाव कर रहे थे, लेकिन मवेशियों को खेतों में खुला छोड़ देने से किसानों की आफत दोगुनी हो गई है। किसानों में जमकर आक्रोश भी है।
खेतों में छोड़ रहे 60 से 70 मवेशी सोमनी के किसान कृति खांडेकर, गजेंद्र बंजारे, गोवर्धन दास व अन्य किसानों ने बताया कि इंदावानी के पशुमालिक हर रोज 60 से 70 मवेशियों को खेतों में छोड़ रहे हैं। मवेशियों को खुला छोड़ने के कारण करीब 30 एकड़ की फसल चट हो गई है। अधिकांश किसानों के खेत की फसल आधी हो गई है। किसानों ने बताया कि फसल बुआई में जितना खर्च हुआ है, वो भी वसूल नहीं हो पाएगा। फसलें खराब हो गई है। बारिश कमजोर होने के कारण कई किसानों के खेत की फसल पूरी तरह चौपट भी हो गई है।
पशुपालकों को पुलिस ने दी समझाइश किसानों की शिकायत के बाद मवेशियों को पकड़कर अस्थाई कांजी हाउस मुक्तिधाम में रखवाया गया। पखवाड़ेभर बाद भी पशुमालिक मवेशियों को छुड़ाने नहीं आए थे। जब इसकी शिकायत पुलिस में की गई तब पशुमालिक सामने आ रहे हैं। पुलिस ने पशुमालिकों को मवेशियों को घरों में बांधकर रखने और गांव के भाठा एरिया में चराने की समझाइश दी है। पशुमालिकों ने बताया कि वो अपने मवेशियों को गौठान में छोड़ते थे, लेकिन मवेशी गौठान से खेत पहुंच जाते थे। पुलिस के समक्ष पशुमालिकों ने मवेशियों को खेत में नहीं जाने देने की बात कही, तब जाकर आक्रोशित किसान शांत हुए हैं।
किसानों ने ही पकड़े मवेशी फसल नुकसान होने से परेशान किसानों ने ही खेतों में आने वाले मवेशियों को रस्सी के सहारे पकड़कर कांजी हाउस ले गए हैं। किसानों ने कहा कि सिंचाई सुविधा नहीं होने के कारण क्षेत्र के कृषक पहले ही परेशान हैं। इसमें मवेशियों को खेतों में छोड़ देने से परेशानी दोगुनी हो गई है। मवेशियों ने पखवाड़ेभर में 30 एकड़ की फसल को नुकसान पहुंचाया है। मामले में सोमनी के उपसरपंच पंकज तिवारी ने कहा कि इंदावानी गांव के मवेशियों ने खार स्थित किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया है। पशुमालिकों को हिदायत दी गई है। अगर दोबारा ऐसी लापरवाही पशुमालिकों द्वारा की गई तो कानूनी कार्रवाई की मांग करेंगे।
चिंतित किसानों पर दोहरी मार कमजोर मानसून के कारण पहले ही सूखे जैसी स्थिति बनी हुई है। इससे किसान परेशान हैं। इस बीच बची-खुची फसलों को मवेशियों के चर जाने से उन पर दोहरी मार पड़ रही है। बारिश के मामले में सावन का महीना इस बार कमजोर रहा। पूरे महाभर भर में मात्र 210 मिमी ही बारिश हो सकी। यानी हर दिन ओैसतन सात मिमी बारिश ही हुई। जबकि मानक ओैसत आठ मिमी से अधिक का है। सावन के पहले दिन जिले में बारिश की स्थिति 351.5 मिमी की थी। तब ओैसत वर्षा 431.8 यानी 81.4 प्रतिशत थी। सावन के आखिरी दिन तक ओैसत बारिश का आंकड़ा 561 मिमी तक ही पहुंच सका। जबकि 10 वर्षों का ओैसत 690 मिमी का रहा है। वर्तमान में जिले में इस वर्ष 81.2 प्रतिशत ही बारिश हो सकी है।
