राजनांदगांव शहर के मोहारा शिवनाथ नदी के तट पर शिवगंगा महाआरती की 36 वीं कड़ी का आयोजन संपन्न किया गया। इस दौरान लोगों को नदियों के संवर्धन और जल संरक्षण का संदेश दिया गया।राष्ट्रीय मासिक पत्रिका द-ट्रायो और हिंदू युवा मंच के संयुक्त तत्वाधान में प्रतिमाह की प्रदोष तिथि पर नदियों के संवर्धन और जल के संरक्षण को लेकर शिव गंगा महाआरती का आयोजन किया जाता है। इस महाआरती के माध्यम से नदियों को आस्था से जोड़कर नदियों के प्रति हमारे कर्तव्यों का स्मरण कराया जाता है। शिवगंगा महाआरती में भगवान भोलेनाथ और मां गंगा की आरती की जाती है। इस आरती के माध्यम से देश प्रदेश की तरक्की खुशहाली और नदियों में जल की उपलब्धता बरकरार रहने की कामना शुक्रवार की देर शाम आयोजित शिवगंगा महाआरती की इस 36वीं कड़ी में की गई।

इस दौरान पंडित अनिल आचार्य ने विधिविधान से मां गंगा की आरती संपन्न करवाई। इस आयोजन में कोरोना को ध्यान में रखते हुए चंद श्रद्धालुओं की उपस्थिति में ही आयोजन संपन्न कराया गया, वहीं आयोजन से जुड़े श्रद्धालुओं व आम जनों के लिए सोशल नेटवर्किंग साइट के माध्यम से शिवगंगा महाआरती का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया। इस अवसर पर पंडित अनिल आचार्य ने कहा कि यह शिवगंगा महाआरती का ही प्रताप है कि लगभग 3 वर्षों में पेयजल की दिक्कत नहीं हुई है और शिवनाथ नदी में पानी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। वहीं आरती में पहुंचे अन्य श्रद्धालुओं ने कहा कि शिव गंगा महाआरती में शामिल होकर उन्हें काफी सुकून मिलता है। वही इस आरती के माध्यम से नदियों जल और पर्यावरण के प्रति उनकी आस्था और प्रबल होती है। शिवगंगा महाआरती केवल आस्था का केंद्र नहीं बल्कि लोगों में नदियों को सहेजने जल को बचाने और पर्यावरण को सुरक्षित करने का एक अभियान है। आज नदियों में जल बचेगा तभी हमारा कल बचेगा। शिव गंगा महाआरती की इस 36वीं कडी़ में महाआरती के सूत्रधार आलोक शर्मा ने कहा कि नदिया हमारी विरासत है और अपनी विरासत को सहेजने की जिम्मेदारी आज की पीढ़ी की ही है। बीते 36 माह से हम सब यह प्रयास कर रहे हैं कि लोगों में नदियों और जल संरक्षण के प्रति आस्था और सुदृढ़ हो ताकि नदियों को संरक्षित करके हम अपना आने वाला कल संरक्षित कर सकें। शिवगंगा महाआरती की इस 36वीं कडी़ में आसपास क्षेत्र से आए श्रद्धालु भी उपस्थित थे।
