राजनांदगांव। शहर के मुख्य डाकघर में महीनेभर से प्रिंटर खराब होने से पासबुक में एंट्री नही हो पा रही है। ग्राहक पासबुक प्रिंट कराने डाकघर के चक्कर लगा रहे है, लेकिन निराश होकर लौटना पड रहा है। कई बार तो टोनर रिफिल नहीं होने से प्रिंट इतना धुंधला होता है कि एंट्री समझ ही नहीं आती।
महीनों से शहर के तीनों डाकघरों के पासबुक प्रिंटर खराब होने से लोग परेशान हो रहे है। लोगों के पुछने पर जल्द ठीक कर लिया जाएगा, यह बता रहे है जबकि लेन-देन करने पर या पैसा जमा करने पर पासबुक में एंट्री जरूरी होती है परंतु गोलमोल जबाव देकर अधिकारी भी टालमटोल कर रहे हैं। इससे बतच अभिकर्ताओं के साथ आम ग्राहक भी परेशान हैं।
तीन शाखाओं में यही हाल शहर में स्थित मुख्य डाकघर,कृषि मंडी के पास डाकघर और कचहरी स्थित डाकघर में पिछले डेढ माह पूर्व से प्रिंटर खराब है जिसकी वजह से पासबुक सहित अन्य दस्तावेजों में एंट्री बंद है मुख्य डाकघर में प्रिंटर बना लिय तो गया है परंतु बाकी दोनो डाकघरों में पिंटर अभी भी खराब पड़ा है जिससे उपभोक्तों का काम अटका पड़ा है और लोग परेशान हो रहे है। प्रिंटर खराब होने से कई काम नहीं हो पा रहे है। मासिक बचत योजना , आवर्ती खाता, बचत खाता, किसान विकास पत्र, राष्ट्रीय बचत खाता, सेजी बैंक खाता, योजना सहित अन्य योजनाओं में पैसा जमा कराने के लिए आ रहे ग्राहकों को हर बार खाली लौटना पड़ रहा है। बार-बार ऐसी यही स्थिति रहने पर कुछ ग्राहकों नाराजगी भी जाहिर कर चुके हैं। प्रिंटर खराब होने से लोग अपना नया खाता नहीं खोल पा रहे है जिससे डाकघर को भी नुकसान उठाना पड़ा रहा है।
प्रतिस्पर्धा के दौर में भारी पड़ सकती है बेपरवाही डाक विभाग भी कई वर्षों से बैंकिंग सेवा दे रहा है। इस क्षेत्र में दर्जनों सरकारी व निजी बैंक हैं जहां बेहतर से बेहतर सेवा देकर ग्राहकों को आकर्षित किया जा रहा है। ज्यादातर बैंकिंग का काम अभिकर्ताओं के माध्यम से ही होता है। इस तरह की अव्यवस्था के कारण वे ह्राहकों को संतुष्ट नहीं कर पाते। प्रतिस्पर्धा के इस दौर में डाक विभाग की यह लापरवाही कभी भी भारी पड़ सकती है। ग्राहकों की हमेशा शिकायत रहती है कि पासबुक में एंट्री नहीं हो रही। कभी प्रिंटर खराब का बहाना तो कई बार स्याही नहीं होने के कारण लेन-देन का रिकार्ड दर्ज नहीं किया जाता।
हर बार एक ही जवाब डाकघर में लगभग एक माह से ज्यादा हो गया है प्रिंटर खराब है। जब भी पूछो तो यही बताते है कि दो-चार दिन मे बन जाएगा। यही हाल रहा तो हम लोग नया ग्राहक कैसे बना पाएगें।
सुनील साहू, बचत अभिकर्ता है तो लापरवाही मैँ खुद परेशान हो गया हूं। पैसे जमा है परंतु एंट्री नहीं हो पा रही है। मुझे कैसे पता चलेगा कि मेरे खाते में कितने पैेसे हैं। यह तो डाकघर की लापरवाही है। पता नहीं कब बनेगा यह प्रिंटर।
कुछ तकनीकी खराबी जल्द ही सभी जगह के प्रिंटर बन जाएगें। कुछ तकनीकी खराबी हो गई है। इस कारण परेशानी हो रही है। व्यवस्था तत्काल सुधारी जाएगी।
