राजनांदगांव। चिटफंड कंपनियों के निवेशकों से आवेदन लेने की मियाद भी अब खत्म हो गई है। शुक्रवार को आवेदन जमा करने का अंतिम दिन था। आखिरी दिन कितने आवेदन जमा हुए। इसका कोई रिकार्ड अफसरों के पास नहीं आया है। अभी तक जिले में करीब सवा लाख से अधिक आवेदन निवेशकों के जमा हो चुके हैं। आवेदनों की संख्या बढ़ भी सकती है। शनिवार से इन सभी आवेदनों की तहसील कार्यालयों में एंट्री शुरू की जाएगी। आवेदनों की एंट्री के साथ ही चिटफंड कंपनियों के नाम की सूची तैयार होगी। इसके अनुसार ही प्रशासन चिटफंड कंपनियों की जांच करेंगे। डाटा एंट्री के बाद आवेदनों का सत्यापन भी होगा। जिला प्रशासन ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है।
छुट्टी की वजह से छूटे कई निवेशक आवेदन जमा करने की अंतिम दिन मोहर्रम की शासकीय छुट्टी थी। इसके चलते कई निवेशक कार्यालय बंद होने की आशंका को लेकर आवेदन जमा करने से वंचित हो गए। ऐसी खबर है कि निवेशक यही सोंच में रह गए कि अवकाश के दूसरे दिन आवेदन जमा करेंगे। लेकिन प्रशासन ने निवेशकों की सुविधा के लिए तहसील कार्यालयों में बने काउंटरों के साथ पंचायतों में भी आवेदन जमा लिए।
कंपनियों की होगी लिस्टिंग जिले के सभी तहसीलों में जमा किए गए आवेदनों की संख्या सवा लाख से अधिक है। इन आवेदनों में 15 से 20 अलग-अलग चिटफंड कंपनियों के नाम है। शनिवार से आवेदनों की डाटा एंट्री के दौरान कंपनियों की लिस्टिंग भी करेगी। सूची बनने के बाद प्रशासन कंपनियों की जांच कराएंगे। अगर कंपनियों की अचल संपत्ति होगी, तो उसे चिंहित किया जाएगा। जांच प्रकरण के बाद आवेदनों का सत्यापन भी किया जाएगा। इसके बाद ही सूची शासन को भेजी जाएगी।
सहारा इंडिया के निवेशक भी भटक रहे चिटफंड कंपनियों की ही तरह सहारा इंडिया फाइनेंस कंपनी के निवेशक भी अपनी जमा पूंजी वापस पाने के लिए भटक रहे हैं। सावधि जमा व फिक्स डिपाजिट के साथ ही मासिक आय योजना वालों को भी भुगतान के लिए संपनी के कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है। हालांकि कार्यालय खुला होने से लोगों का भरोसा अभी तक बना हुआ है। इस बीच कुछ ग्राहकों की रकम लौटायी भी जा रही है, लेकिन लंबी रकम जमा करने वालों को जरूरत के समय पर राशि नहीं मिलने से एक बड़ा वर्ग परेशान भी है। पिछले हफ्ते इसकी शिकायत पुलिस महानिदेशक डीएम अवस्थी से भी की गई।
15 दिनों में एंट्री करने के निर्देश चिटफंड कंपनी से रकम वापसी की उम्मींद को लेकर निवेशकों ने आवेदन जमा किए हैं। आवेदनों की संख्या इतनी है कि इनकी एंट्री करने कर्मचारियों का मशक्कत करनी पड़ेगी। करीब सवा लाख से अधिक आवेदन है। बताया गया कि आवेदनों में दो सौ-पांच सौ रूपये से लेकर 30 से 35 लाख रूपये जमा करने वाले भी निवेशक है। थोक में आए आवेदनों की एंट्री के लिए कर्मचारियों ने एक से डेढ़ माह का समय मांगा है, लेकिन प्रशासन ने 15 दिनों में एंट्री करने के निर्देश दिए हैं। ताकि जल्द से जल्द जांच प्रकरण कर सत्यापन किया जा सकें।
अवकाश के दिन भी जमा किए आवेदन अवकाश के दिन भी तहसील व पंचायतों में आवेदन जमा लिए गए हैं। आवेदनों की संख्या सवा लाख से अधिक है। शनिवार से सभी आवेदनों की कंप्यूटर में एंट्री कराएंगे। चिटफंड कंपनियों की सूची बनाकर कलेक्टर की सौंपेंगे। इसके बाद सत्यापन की प्रक्रिया होगी।
