मानपुर-मोहला-चौकी जिले की घोषणा के बाद अब शासन स्तर पर दस्तावेजी तैयारी भी शुरू हो गई है। जिले के गठन के लिए नक्शा, खसरा से लेकर सीमा चिन्हांकन, प्रशासनिक बिल्डिंग निर्माण, अधिकारियों, कर्मचारियों के सेटअप को लेकर राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव रीता शांडिल्य ने कलेक्टर को पत्र जारी कर 15 दिन के भीतर प्रतिवेदन मंगाया है।
इसके बाद नए जिले में प्रशासनिक कामकाज शुरू होगा। इधर छुरिया क्षेत्र के रहवासियों ने नए जिले में शामिल नहीं करने की मांग कर कलेक्टर को पत्र सौंपा है। हालांकि अभी स्पष्ट नहीं है कि छुरिया राजनांदगांव जिले में शामिल होगा या फिर नए जिले में शामिल किया जाएगा। नए जिले की घोषणा के बाद मुख्यालय को लेकर विवाद शुरू हुआ। हालांकि शासन स्तर से अब तक लिखित में कोई आदेश नहीं आया है कि किस क्षेत्र को मुख्यालय बनाया जाएगा। इसकी तैयारी के लिए राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से बिंदुवार कलेक्टर से जानकारी मांगी गई है।
मांगी यह जानकारी
आपदा प्रबंधन विभाग ने नए जिले की जनसंख्या, कुल ग्राम, कुल पटवारी हल्का, कुल राजस्व निरीक्षक मंडल, मकबूजा रकबा हेक्टेयर की जानकारी, खातेदारों की संख्या, कुल ग्राम पंचायत, नगरीय निकाय, राजस्व प्रकरणों की संख्या, कोटवारों, पटेलों की संख्या, संभाग, जिला, प्रस्तावित नए जिले का पृथक-पृथक नक्शा मांगा गया है। एक संयुक्त नक्शा भी मांगा गया है, जिसमें जिले की सीमाएं चिह्नांकित हो।
बतानी होगी सुविधाएं
प्रस्तावित जिले में बैंक, स्कूल, कॉलेज, थाना, परियोजनाएं, स्वास्थ्य केन्द्र एवं अन्य जानकारी भी मांगी गई है। आपदा प्रबंधन विभाग ने यह भी सलाह दी है कि अगर नए जिले में दो जिलों का क्षेत्र समाहित हो तो कलेक्टर आपस में समन्वय स्थापित कर स्पष्ट जानकारी के साथ ही प्रस्ताव भी देंगे। ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, नगर पंचायत, नगर पालिका, निगम का प्रस्ताव अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएंगे।
सेटअप तैयार करेंगे
नए जिले में जिला कार्यालय को लेकर जरूरी सेटअप की रिपोर्ट देनी है। वहीं इस सेटअप पर होने वाले व्यय की पूरी जानकारी अभिमत के साथ देनी होगी। अफसरों को नए जिले के वीरान हो चुके गांवों की भी वस्तु स्थिति बतानी होगी। कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने बताया कि फिलहाल शासन से जानकारी मंगाई गई है। 15 दिन में रिपोर्ट तैयार कर भेजेंगे। इसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
छुरिया को राजनांदगांव में ही रखने की मांग
इधर छुरिया क्षेत्र के रहवासियों ने कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा से मुलाकात कर छुरिया को राजनांदगांव जिले में ही रखने की मांग की। इसे लेकर एक दिन पहले ही जनपद के सामुदायिक भवन में सर्व दलीय बैठक भी रखी गई थी। यहां के रहवासियों का कहना है कि नए जिले में छुरिया को शामिल करने कभी मांग नहीं की गई है। अगर नए जिले में शामिल किया जाएगा तो सड़क पर उतरकर विरोध, प्रदर्शन करने मजबूर होंगे। बताया कि नए जिले में शामिल होने पर छुरिया के रहवासियों को 100 से 150 किमी दूर मुख्यालय तक सफर करना होगा। कलेक्टर से मुलाकात के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष गीता घासी साहू, चंद्रिका प्रसाद डड़सेना, हिरेन्द्र साहू , रविंद्र वैष्णव, अनिरुद्ध चंद्राकर, कैलाश शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि व ग्रामीण उपस्थित थे।
