सावन लभगभग खत्म होने को है लेकिन अब तक जिले में अच्छी बारिश नहीं हुई है। मौसम विभाग ने बीते तीन दिनों से बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है लेकिन इसका असर भी जिले में देखने को नहीं मिला। यही वजह है कि ज्यादातर हिस्सों में किसानों को अब भी बारिश का इंतजार है।
बीते 24 घंटों में 26 मिमी बारिश दर्ज की गई हैि लेकिन यह बारिश जिले के कुछ हिस्सों में ही हुई है। सावन का पखवाड़ा लगभग सूखा बीता था, अब दूसरे पखवाड़े में भी यही स्थिति है। रविवार को सावन खत्म हो जाएगा। लेकिन उम्मीद के मुताबिक अब तक बारिश नहीं हो सकी है। जिसका असर धान की फसल पर हो रहा है। जिले के 70 फीसदी रकबा बारिश के भरोसे ही सिंचित होता है लेकिन बारिश थमी होने की वजह से किसानों की चिंता बढ़ गई है। मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया कि अगले 24 से 48 घंटे में जिले में अच्छी बारिश की उम्मीद है।
जिले में 512 मिमी बारिश, छुरिया में सबसे कम
जिले में पहले जून से अब तक 512 मिमी. औसत बारिश दर्ज की जा चुकी है। इसमें सबसे अधिक बारिश मानपुर ब्लाॅक में 830 मिमी हुई है। वहीं सबसे कम बारिश छुरिया में 312 मिमी हुई है। जिले में अब तक हुई बारिश इन दिनों की औसत बारिश से 20 फीसदी कम है। वहीं अब तक दर्ज हुई बारिश फसल के लिहाज से अनियमित भी रही र्है। जिसका फायदा धान की फसल को नहीं मिल पा रहा है।
यूरिया चाहिए तो दूसरी दवा भी खरीदनी होगी
एक ओर किसानों को बारिश ने परेशान कर रखा है, वहीं दूसरी ओर खाद की किल्लत भी संकट बढ़ा रही है। अब भी यूरिया का बड़ा संकट बना हुआ है। कमजेार बारिश के दौरान किसानों को फसल के लिए यूरिया की अधिक जरुरत पड़ रही है,लेकिन सोसाइटियों में यह उपलब्ध नहीं है। निजी दुकानदार भी केवल यूरिया बेचने को तैयार नहीं हैं, किसानों को दूसरी दवा खरीदने का भी दबाव बनाया जा रहा है।
लो वोल्टेज से पंप भी नहीं चल रहे, किसान बेहाल
बारिश और खाद के संकट के बीच बिजली भी किसानों को रुला रही है। हाल ही में छुरिया के 40 गांव के लोगों ने लो वोल्टेज और बिजली कटौती से परेशान होकर चक्काजाम किया था। इसी तरह जिले के दूसरे हिस्सों में भी समस्या बरकरार है। किसानों का पक्ष है कि लो वोल्टेज की वजह से वे अपने खेतों में पंप से सिंचाई नहीं कर पा रहे है। बिजली की परेशानी ने समस्या दोगुनी कर दी है।
