कृषि विज्ञान केंद्र सुरगी में एग्री ड्रोन के माध्यम से नैनो यूरिया के छिड़काव तकनीक का प्रदर्शन किया गया। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ.बीएस राजपूत ने बताया कि तमिलनाडु की कंपनी गरुड़ा ऐरो स्पेस द्वारा विकसित एग्री ड्रोन तकनीकी के माध्यम से 1 एकड़ क्षेत्र में 20 लीटर पानी का उपयोग कर 20 मिनट में 1 एकड़ क्षेत्र में छिड़काव किया गया।
जबकि हस्त चलित स्प्रे पंप से छिड़काव करने पर 1 एकड़ के लिए 400 से 500 लीटर पानी का उपयोग किया जाता है। 2 श्रमिक 1 एकड़ क्षेत्र को 1 दिन में छिड़काव करते है। एग्री ड्रोन तकनीक द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र के प्रक्षेत्र में लगे धान फसल में नैनो यूरिया के छिड़काव का प्रदर्शन किया गया। उन्होंने बताया कि यह एग्री ड्रोन बैट्री चलित है। इसकी बैटरी बिजली से चार्ज होती है। बैटरी का चार्ज करने में 20 मिनट का समय लगता है। इस ड्रोन की कीमत 6.5 लाख है। डीडीए जीएस ध्रुवे, राजेश शर्मा सहायक संचालक, उद्यानिकी, कृषि वैज्ञानिक डॉ.अविनाश गुप्ता, डॉ. एलके रामटेके, द्विवेदी प्रसाद चौधरी, राजू साहू, एके उपाध्याय, गुंजन झा, अंजली घृतलहरे, अतुल डांगे, डॉ. मोहनिशा जंघेल मौजूद रहे।
