वैक्सीन की पर्याप्त खेप नहीं आने की वजह से जिले में वैक्सीनेशन की रफ्तार भी धीमी हो गई है। सबसे ज्यादा समस्या सेकंड डोज को लेकर आ रही है। जिन लोगांे ने कोवैक्सीन की पहली डोज लगाई है, इन्हें सेंटर से मायूस लौटना पड़ रहा है। नगर निगम सीमा क्षेत्र में कोवैक्सीन की डोज ही नहीं है।
जिले में पहले 200 सेंटर संचालित हो रहे थे पर यह संख्या अब 55 से 60 तक पहुंच गई है। कोवैक्सीन की डोज की पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने से सेंटरों में गिनती के लोगों का वैक्सीनेशन हो पा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने बताया कि स्टॉक में मौजूद डोज के हिसाब से ही लोगों को सूचना दी जा रही है। जिले में कोवैक्सीन की कमी है। इसलिए सेकंड डोज में देरी हो रही है। इधर यह भी शिकायत सामने आ रही है कि समय पूरा होने के बाद भी कई लोगाें के पास सेकंड डोज के लिए मैसेज तक नहीं आ रहा है। अफसर इसे तकनीकी दिक्कत बता रहे हैं। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. बीएल तुलावी ने बताया कि वैक्सीन की कमी जरूर पर उपलब्ध डोज से वैक्सीनेशन करा रहे हैं।
