खैरागढ़। राहत राशि मिलने के बाद भी राशि का उपयोग नहीं करने के मामले में निवृतमान नपा उपाध्यक्ष ने सीएमओ के खिलाफ दंडातमक कार्रवाई की मांग को लेकर कलेक्टर को आवेदन दिया है।
निवर्तमान नपाध्यक्ष रामाधार रजक ने बताया कि कोरोना वायरस की रोकथाम और आम जनता को राहत देने आवश्यक सामग्री की खरीदी के लिए अधोसरंचना मद से पहले 26 अप्रैल को 20 लाख अंतरित और बाद मे संभावित तीसरी लहर को देखते हुए 30 जून को 15 लाख रुपये हस्तांतरित कर दिया था। इस दौरान 26 अप्रैल से 25 मई तक 18 कोरोना मरीजों को मिलाकर जनवरी से मई महीने के बीच शहर में 65 लोगो की संक्रमण से मौत हुई जो कई परिवारों के दुख का कारण बना। रामाधार रजक ने कहा कि कोराना संक्रमण की रोकथम को लेकर राज्य सरकार द्वारा अलग-अलग मद से भारी भरकम राशि दी गई थी। लेकिन सीएमओ ने हठधार्मिता और अडिय़ल रवैया अपनाते हुए आबंटित राशि का छह अगस्त तक कोई उपयोग नहीं किया जिसके चलते लगातार मौतों से शहर दहल गया।
अस्पताल ने सूची दी लेकिन उपकर सामग्री नहीं मिली
रामाधार रजक ने कहा कि सूचना के अधिकार अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग से मिले दस्तावेजों से पता चला कि पूरे कोरोना काल मे नगर पालिका द्वारा स्वास्थ्य विभाग को कोई सहयोग नहीं किया गया और नही किसी प्रकार की सामग्री उपलब्ध कराई जो जीवनदायक हो। उन्होंने बताया कि 20 लाख मिलने के बाद नपा कार्यालय द्वारा सिविल अस्पताल से स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सामग्री की सूची मांगी गई। लेकिन सूची मिलने के बाद भी किसी प्रकार का जीवनरक्षक सामान नहीं खरीदा गया जो सीएमओ के स्वेच्छाचारिता का खुला प्रदर्शन है। जनवरी से मई माह के बीच शहर सहित इलाके में कोरोना संक्रमण के चलते लगभग दो सौ मौतें हुई है। जिसमें शहर के अलग अलग वार्डो के 65 काल कवलित हुए जिनमें ज्यादातर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार के लोग हैं। कोरोना से बचाव और संक्रमितो को राहत देने राज्य सरकार द्वारा समय पूर्व राशि नपा को आबंटित कर दी गई।
नपा स्वास्थ्य विभाग से सामंजस्य बनाकर मेडिकल उपकरण और दवाइयां खरीद कर संक्रमितों को उपलब्ध करा सकता था। लेकिन ऐसा नहीं हुआ और मृत्यु दर बढ़ती गई। रामाधार रजक ने कलेक्टर को आवेदन देकर राशि मिलने के बाद भी कोरोना की रोकथाम को लेकर लापरवाही बरतने के चलते मृत्यु दर में बढ़ोतरी को लेकर मामले मे दोषी सीएमओ पर अपराधिक प्रकरण दर्ज कर दंडात्मक कारवाई की मांग की है।
