उत्तर मोर्चा महिला मंडल में बनाया गया उपाध्यक्ष
भाजपा सरकार के खिलाफ दिया था धरना
भाजपा के हर मंडल और मोर्चा में चल रही गुटबाजी
राजनांदगांव. छत्तीसगढ़ में पंद्रह साल तक भाजपा ने राज किया. जैसे ही सत्ता से बाहर हुई भाजपा में गुटबाजी खुलकर सामने दिखने लगी है. हाल ही में राजनांदगांव में भाजयुमों की कार्यकारिणी को लेकर दोनों अध्यक्षों के बीच मनमुटाव देखने को मिल रहा है. वहीं महिला मोर्चा की जारी सूची में भी महामंत्री पद को लेकर वरिष्ठ भाजपा नेता के घर में जमकर कहासूनी हुई सिर्फ हाथापाई ही बाकी रह गई थी. अब एक नया मामला सामने आ गया है, जो उत्तर मंडल महिला मोर्चा का है.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जब भारतीय जनता पार्टी सत्ता में थी और रमन सिंह मुख्यमंत्री थे तब वर्ष 2018 मेें भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी और मुर्दाबाद जैसे नारे लगाने वाली महिला को भाजपा उत्तर मंडल का उपाध्यक्ष बनाया गया है. जिसका नाम रत्ना बरिहा बताया जा रहा है. बताया जा रहा है कि रत्ना बरिहा और कुछ महिला द्वारा वर्ष 2018 में कलेक्टोरेट के सामने भाजपा और तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के खिलाफ नारेबाजी और मुर्दाबाद जैसे नारे लगाए गए थे और उसी महिला को भाजपा उत्तर मंडल में उपाध्यक्ष का पद दिया गया है. जिससे महिला मोर्चा में विरोध के स्वर दिखाई दे रहे है. बताया तो यह भी जा रहा है कि उत्तर मंडल में लगभग 25 वार्ड आते है, लेकिन गुटबाजी के चलते पुराने कार्यकर्ताओं को कार्यकारिणी में जगह नहीं दी गई है. वहीं कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल होने वालों को मान- सम्मान दिया जा रहा है. जिससे भी पुराने कार्यकर्ताओं में नारजगी देखने को मिल रही है.

भाजपा चल रही गुटबाजी
पद्रह साल तक सत्ता में रहने के बाद अब अचानक भाजपा बिखरती नजर आ रही है. आए दिन कुछ ना कुछ विवाद की स्थिति राजनांदगांव में देखने को मिल रही है. ऐसा लग रहा है कि भाजपा में जिलाध्यक्ष की नहीं चल रही है या जिलाध्यक्ष को किनारे करते हुए एक गुट अपनी लाबिंग कर रहा है. चाहे मामला कुछ भी हो, लेकिन सत्ता जाने के बाद जिस तरह से भाजपा में बिखराव दिख रहा है. उससे तो ऐसा ही लग रहा है कि भाजपा गुटबाजी का शिकार हो रही है. संगठन में बैठे वरिष्ठ भाजपाई भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे है. उसका प्रमुख कारण यह भी है कि राजनांदगांव जिला पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का विधानसभा क्षेत्र है. मिली जानकारी के अनुसार जिस प्रकार से मंडल एवं मोर्चा की कार्यकारिणी घोषित की जा रही है और उसे लेकर सोशल मीडिया में लगातार विरोध के स्वर दिख रहे है. उससे ऐसा लग रहा है कि भाजपा में गुटबाजी हावी हो गई है. भाजपा पदाधिकारी एक- दूसरे की टांग खिंचते में कोई कसर नही छोड़ रहे हैं।
