खैरागढ़ के मुस्का में रहने वाली बिंदाबाई की संदिग्ध मौत का मामला पुलिस ने सुलझा लिया है। बिंदा बाई साहू की हत्या उसकी नविवाहिता बहू ने ही की थी। जिसके बाद मामले को हादसा बताने का प्रयास करने लगी। पूछताछ और घर में मिले तथ्य के आधार पर पुलिस ने आरोपी बहू को हिरासत में लिया था, जिसने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार लिया है।
पुलिस ने बताया कि बिंदा बाई के बेटे की शादी पांच महीने पहले ही 20 वर्षीय रुपा साहू से हुई थी। शादी के बाद ही रुपा अपने पति नीरज को शहर में रहने और वहीं कुछ काम करने का दबाव डालने लगी लेकिन पारिवारिक परिस्थियों के चलते नीरज के लिए तैयार नहीं हो रहा था। कुछ दिन पहले इसी बात को लेकर रुपा ने घर में हंगामा किया। सोमवार को भी इसी बात को लेकर सास-बहू के बीच विवाद हुआ। तब घर में कोई नहीं था। रुपा ने लोहे की फुंकनी से बिंदा बाई के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिया। खून से लथपथ बिंदा बाई बेहोश हो गई। आसपास के लोग परिवार के सदस्यों के साथ घायल बिंदा को लेकर हाॅस्पिटल पहुंचे।
पहले हादसा बताती रही, फिर कबूली हत्या
डॉक्टर्स ने जब घायल बिंदा को देख पूछताछ की तो रुपा ने इसे हादसा बता दिया। रुपा ने कहा कि उसकी सास पंखे से टकरा गई लेकिन बिंदाबाई को लगी चोंट से सबकुछ स्पष्ट हो रहा था। जिसे देखते हुए खैरागढ़ पुलिस ने रुपा को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की। तब रुपा ने अपने सास की हत्या करने की बात कबूल ली। पुलिस ने आरोपी रुपा को न्यायिक रिमांड में भेज दिया है।
