छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में कोरोना के बाद अब डेंगू ने भी लोगों की चिंता बढ़ा दी है। मंगलवार शाम को 2 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इनमें एक आनंद नगर और दूसरा सेक्टर-7 निवासी है। दोनों मरीजों की कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है। इसके बाद जिला प्रशासन व बीएसपी प्रबंधन ने सर्वे का काम तेज कर दिया है।
जिला मलेरिया अधिकारी सीबीएस बंजारे ने बताया कि दवाई का छिड़काव व फॉगिंग चारों नगर निगम क्षेत्रों में किया जा रहा है। लोगों से अपील की जा रही है कि कूलर, फ्रिज की ट्रे को खाली रखें। जो लोग समझाने के बावजूद लापरवाही कर रहे हैं, उन पर जुर्माना लगाया जा रहा है। डेढ़ महीने के दौरान डेंगू के 8 मरीज मिल चुके हैं।
डेंगू मच्छर से बचने के लिए फॉगिंग का कार्य किया जा रहा है।
बच्चे भी आए कोरोना संक्रमण की चपेट में
दूसरी ओर जिले में कोरोना संक्रमण का भी आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। 10 दिनों में 138 संक्रमित मिल चुके हैं। चिंता की बात यह है कि चार दिन पहले 1 अगस्त को 70 पॉजिटिव मिले थे, इनमें 3 बच्चे भी शामिल हैं। सभी बच्चे जामुल क्षेत्र के हैं। फिलहाल सभी बच्चे होम आइसोलेशन में ही हैं।
कोरोना को लेकर एक्सपर्ट की सलाह
दुर्ग के सिविल सर्जन डॉ. बाल किशोर ने बताया कि अगर बच्चे कोरोना की चपेट में आ गए हैं तो उन्हें खास ध्यान रखने की जरूरत है। अगर बच्चा बड़ा है तो उसे अलग कमरे में रखें। छोटे बच्चों के साथ माता-पिता में से जो पूरी तरह स्वस्थ है, वह साथ रहे। बच्चे के साथ रहने वाले परिजन को डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और किडनी की बीमारी ना हो। बुजुर्ग उनके साथ में ना रहे। खाने-पीने में विटामिन का भरपूर उपयोग करें। वैक्सीन जरूर लगवा ले।
वैक्सीनेशन का हाल बेहाल
जिले में वैक्सीनेशन भी रुक-रुक कर हो रहा है। 2 से 3 दिनों में एक बार वैक्सीन मिलती है जो एक दिन में ही खत्म हो जाती है। सोमवार को 2880 डोज कोवैक्सिन के मिले थे। जिसमें 75 डोज ही वैक्सीन बची है। जिसका जिले के 5 सेंटर पर वैक्सीनेशन किया जा रहा है। अब तक जिले में 8 लाख 78 हजार से अधिक लोगों को टीका लगाया जा चुका है।
जिले में 151 एक्टिव कोरोना केस
कोरोना मरीजों के मिलने की दर स्थिर बनी हुई है। रिकवरी दर 90% के करीब है। अब तक जिले में कुल 96,601 कोरोना संक्रमित मिले हैं। इनमें से 94,658 रिकवर हो गए हैं। 1792 मरीज की मौत हो गई। जिले में अभी भी 151 एक्टिव मरीज मौजूद हैं।
