जिले में बच्चों में कुपोषण दूर करने के लिए शिशुरोग विशेषज्ञ, एम्स रायपुर के स्वास्थ्य विशेषज्ञों एवं अधिकारियों से चर्चा की। कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने कहा कि मानपुर में कुपोषण को दूर करने के लिए सघन सुपोषण अभियान चलाया जा रहा है। जनसामान्य में पोषण जागरूकता लाने की जरूरत है। अभिभावकों एवं सामुदायिक सहभागिता के साथ यह काम करना है। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व मितानिनों को प्रशिक्षण दें। कुपोषित बच्चों, एनिमिक माताओं एवं किशोरी बालिकाओं का चिन्हांकन कर उनके सुपोषण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि मुनगा पौष्टिक तत्वों से भरपूर है, सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों एवं पोषण वाटिकाओं में मुनगा के पौधे लगाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कुपोषण को दूर करने के लिए स्थानीय भाषा में लघु वीडियो व ऑडियो के माध्यम से प्रचार-प्रसार करने के लिए कहा। कलेक्टर ने विशेषज्ञों के सुझाव को शामिल करते हुए सुपोषण के लिए रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए। डॉ. बाफना ने कारणों की दी जानकारी: पद्मश्री डॉ. पुखराज बाफना ने कुपोषण के कारणों की जानकारी देते हुए कहा कि कुपोषण की शुरुआत किशोरी बालिकाओं से होती है। इस पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है।
उन्होंने जनसंवाद, जनस्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण स्तर पर नेतृत्व पर जोर दिया। एम्म रायपुर के डॉ.गोयल ने स्वास्थ्य सेवा को सुदृढ़ करने व पोषण पुनर्वास केंद्र के उन्नयन के बारे में बताया, जिससे बच्चों की निगरानी व स्वास्थ्य सुधार में मदद मिलेगी। यूनीसेफ के प्रतिनिधि प्रजापति द्वारा बच्चों की खाने की क्षमता का आकलन करने के बारे में बताया गया। साथ ही दवाईयों का उपयोग के लिए प्रोटोकाल का पालन करने की आवश्यकताओं पर जोर दिया। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ.जैन ने गंभीर कुपोषित बच्चों में आए सुधार की स्थायित्व को परखने कहा। कुपोषण से लड़ाई में समुदाय की सहभागिता की महत्ता पर जोर दिया।
जिले में कुपोषित बच्चों की पहचान की जाएगी
कलेक्टर सिन्हा ने कहा कि इन क्षेत्रों में बच्चों का स्क्रीनिंग कराएं और कुपोषण वाले बच्चों की पहचान कर विशेष ध्यान दिया जाए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन डोर-टू-डोर संपर्क कर उनके प्रतिदिन आहार, दवाइयां व स्वास्थ्य के बारे में जानकारी लें। रेडी-टू-ईट से विभिन्न प्रकार के पकवान बनाएं, जिसे बच्चे खाने में रुचि लें। बच्चों का कुपोषण दूर करने के लिए माताओं का स्वस्थ रहना जरूरी है, उन्हें समय में दवा दी जाए। एसडीएम, जनपद सीईओ इस दिशा में काम करें।
कलेक्टर ने कहा- प्रत्येक बच्चे की मॉनिटरिंग करें
उन्होंने प्रत्येक बच्चे की माॅनिटरिंग के लिए हेल्थ कार्ड पर ध्यान देने के बारे में सुझाव दिया। जिला पंचायत सीईओ लोकेश चंद्राकर ने समय-सारिणी तैयार कर प्रत्येक पंचायत में प्रशिक्षण देने का सुझाव दिया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी ने मानपुर और मोहला के ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों के पोषण के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास रेणु प्रकाश ने भी संबोधित किया।
