समाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार के अंतर्गत राष्ट्रीय बौद्धिक दिव्यांग सशक्तिकरण संस्थान के अधीन संचालित समेकित क्षेत्रीय केंद्र ने को कोविड महामारी के समय स्टिग्मा एंड मिथ्स एसोसियेट विथ मेंटल ईलनेस पर वेबिनार रखा। इसकी शुरुआत सीआरसी के निदेशक कुमार राजू ने की।
इसमें विभिन्न राज्यों से अलग-अलग पुनर्वास से संबंधित प्रोफेशनल, छात्र-छात्राएं समेत कुल 64 प्रतिभागी शामिल हुए। मुख्य वक्ता सहायक प्राध्यापक मनोविज्ञान विभाग मेडिकल कालेज राजनांदगांव डॉ. शरद मनोरे ने बताया कि लोगों में मेंटल हेल्थ से संबंधित समस्या को पहचानना बहुत जरूरी होती है, क्योंकि मेंटल हेल्थ की परेशानी हमारे जीवन में स्ट्रेस, डिप्रेशन, चिड़चिड़ापन, अकेलेपन का अहसास कराता है।
इससे ग्रसित होने से धीरे-धीरे मेंटल इलनेस जैसे रोग से ग्रसित हो जाते हैं। लोगों को इस प्रकार की समस्या की जानकारी भी नहीं होने के कारण अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। तनाव, डर, अनिद्रा, महामारी से बचने के लिए कहा गया है। लोगों को प्रतिदिन सुबह योगा, प्राणायाम, व्यायाम करने के लिए कहा गया। वेबिनार के कार्यक्रम समन्वयक सहायक प्राध्यापक मनोरोग चिकित्सा विभाग सीआरसी राजनांदगांव देवी घोडिशाला ने टोल फ्री नम्बर किरण मेंटल हेल्थ रिहेबिलीटेशन हेल्प लाइन एमएचआरएच- 18005990019 की जानकारी दी। इसमें इस कोविड महामारी में किसी भी प्रकार के मेंटल हेल्थ से सम्बंधित समस्या का फोन करके सुझाव ले सकते हैं
