×¢»ÜßæÚU ·¤ô çÌæÚUæ ÂãUé¢¿ð ¿æÚU ãUÁæÚU âñÜæÙè
राजनांदगांव। सावन माह की बारिश फुहारों तक ही सीमित रह गई है। दिनभर घने बादलों के बाद भी पहले छह दिनों में एक भी दिन अपेक्षित बारिश नहीं हुई है। शुक्रवार को भी पूरे दिन आसमान में बादल रहे। अच्छी बारिश के आसार दिखे, लेकिन रूक-रूककर बौछारें पड़ने के बाद बादल शांत रहा। बीते 24 घंटे में करीब 22 मिमी ही बारिश दर्ज की गई। हालांकि मौसम विभाग ने शनिवार व रविवार को भारी बारिश की संभावना जताई है।
शुक्रवार को दिनभर सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुई। सुबह से ही आसमान में काले बादल छाए रहे। दोपहर के पहले रूक-रूककर बौछारें पड़ती रही। शाम तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहा। इससे मौसम में ठंडकता जरूर बढ़ गई, लेकिन सावन में अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे लोगों की आस पूरी नहीं हो पा रही है।
तेजी से बढ़ी ठंडकता, तापमान सामान्य से कम उधर लगातार बदली व अंतराल में रिमझिम बारिश ने मौसम में ठंडकता बढ़ा दी है। इस वर्ष पहली बार अधिकतम तापमान सामान्य से कम पर आया है। शुक्रवार को दिन का तापमान 26.5 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से तीन डिग्री कम है। बीती रात का तापमान 24 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार यह सामान्य से एक अधिक है। एक-दो दिनों में अच्छी बारिश हुई तो दिन का तापमान ओैर कम हो सकता है।
जल प्रवाह से मोंगरा की स्थिति जस की तस मानसून की अपेक्षित सक्रियता नहीं होने से जिले के जलाशयों में अब तक अपेक्षित जल भराव नहीं हो सका है। सिर्फ मोंगरा बराज में भर 70 प्रतिशत पानी भर पाया। वहां से प्रति सेकंड दो हजार क्यूसेक मीटर पानी छोड़ा जा रहा है। बराज के प्रभारी एनके सहारे के अनुसार अभी इतना ही पानी आ रहा है। चुंकि सुरक्षा के लिहाज से 70 प्रतिशत भराव की स्थिति को बनाए रखना है। इस कारण बराज में जलभराव अभी जस की तस है।
