कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा की सख्ती के बाद राजस्व प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के लिए जांच दल का गठन किया। उन्होंने स्वयं एसडीएम, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार न्यायालय का मुआयना कर शिविर लगाकर लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए थे।
इसका असर प्रभावी रहा है और जिले में माह जुलाई में 6 हजार 889 प्रकरणों का निराकरण किया गया। वहीं अभिलेख दुरुस्ती के 3643 तथा अभिलेख दुरुस्ती उपरांत वितरित 2613 ऋण-पुस्तिका वितरित किया गया। जिसमें विवादित नामांतरण के 2216, विवादित बंटवारा 435, अभिलेख त्रुटि सुधार के 263, सीमांकन के 744, अ/70 के 15 तथा ऑनलाइन नामांतरण के 3216 प्रकरणों का निराकरण किया गया।
जिले में जुलाई माह 41 हजार 269 प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। जिनमें 4 हजार 109 अस्थायी जाति प्रमाण -पत्र, 1 हजार 576 स्थायी जाति प्रमाण पत्र, 7 हजार 818 निवास प्रमाण पत्र तथा 27 हजार 766 आय प्रमाण पत्र बनाया गया। छुरिया विकासखंड में 717 सर्वाधिक अस्थायी जाति प्रमाण पत्र बनाया गया है। इसी तरह डोंगरगढ़ विकासखंड में 426 सर्वाधिक स्थायी जाति प्रमाण पत्र, 1746 सर्वाधिक निवास प्रमाण पत्र तथा राजनांदगांव विकासखंड में 5847 सर्वाधिक आय प्रमाण पत्र बनाया गया।
कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को राजस्व प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि सभी राजस्व अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक एवं पटवारी मुख्यालय में निवास करेंगे। जिले में गठित जांच दल द्वारा राजस्व अधिकारियों के कार्यों का आकस्मिक निरीक्षण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नामांतरण, बंटवारा एवं सीमांकन के प्रकरणों का अभियान चलाकर निराकरण करें।
अपर कलेक्टर भी कर रहे मुआयना: कलेक्टर के निर्देश पर अपर कलेक्टर सीएल मार्कण्डेय दौरा कर राजस्व के लंबित प्रकरणों का मुआयना कर रहे हैं। अपर कलेक्टर मार्कण्डेय को खैरागढ़ एवं डोंगरगढ़, संयुक्त कलेक्टर इंदिरा देवहारी को मोहला एवं मानपुर, संयुक्त कलेक्टर वीरेंद्र सिंह को छुईखदान एवं गंडई, डिप्टी कलेक्टर डॉ.दीप्ति वर्मा को राजनांदगांव एवं अंबागढ़ चौकी, डिप्टी कलेक्टर लता युगल उर्वशा को डोंगरगांव एवं छुरिया के राजस्व समस्याओं से संबंधित निराकरण का दायित्व सौंपा गया है।
