कोरोनाकाल की दोनों लहर ने आम जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित किया। कई लोग बेरोजगार हो गए तो किसी का व्यापार ठप हो गया। ऐसे में निजी स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ाने वाले पालक हर माह फीस नहीं भर पाए। निजी स्कूलों ने भी शासन के निर्देश के बावजूद अपनी मनमानी की और फीस नहीं जमा करने वाले बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई भी नहीं कराई।
एक तरफ काम-काज प्रभावित होने से पालकों ने निजी स्कूलों को फीस देने में असमर्थता जता दी लेकिन निजी स्कूलों ने फीस में किसी तरह की रियायत नहीं दी। वर्ष 2020 में सरकारी व निजी स्कूलें ऑनलाइन ही संचालित हुए, लेकिन इस सत्र से ऑफलाइन क्लास लगाने का आदेश जारी होने के बाद पालकों ने निजी स्कूलों से सरकारी स्कूल की ओर रूख कर लिया। शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल व स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम सरकारी स्कूल में 60 प्रतिशत ऐसे बच्चों ने एडमिशन लिया है, जो अब तक निजी स्कूलों में पढ़ाई कर रहे थे। सरकारी स्कूल में एडमिशन के लिए 31 जुलाई अंतिम तारीख है, इसलिए निजी स्कूलों से स्थानांतरण प्रमाण-पत्र लेकर सरकारी स्कूल में एडमिशन के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं।
आत्मानंद स्कूल खुला इसलिए और बढ़ा रुझान
सरकार ने सभी ब्लॉकों में सरकारी स्कूलों में बदलाव करते हुए इंग्लिश मीडियम स्कूल संचालित कर रहा है। 1 लीं से 12 वीं तक इंग्लिश मीडियम होने से पालकों को निजी स्कूलों का विकल्प मिल गया और आर्थिक समस्या से निपटने के लिए सरकारी स्कूल में दाखिला दिलाया है। खासकर 2021 में 60 प्रतिशत बच्चें निजी से सरकारी स्कूल में पहुंचे है। आत्मानंद स्कूल में शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। कोरोना से शहरी क्षेत्र के पालक सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।
बच्चे अब सीबीएसई से सीजी पाठ्यक्रम की करेंगे पढ़ाई
निजी इंग्लिश मीडियम में पढ़ रहे अधिकतर बच्चे सीबीएसई पाठ्यक्रम में पढ़ाई कर रहे थे। हालांकि आत्मानंद स्कूल में सीजी पाठ्यक्रम से पढ़ाई होगी। शिक्षाविद्ों का कहना है कि बोर्ड बदलने से बच्चों पर खासा असर नहीं होगा। क्योंकि इंग्लिश मीडियम में ही सीजी पाठ्यक्रम की पढ़ाई होगी साथ ही सामान्य बोलचाल में भी शिक्षक व बच्चे अंग्रेजी भाषा का ही प्रयोग करेंगे। वहीं हिंदी मीडियम से इंग्लिश मीडियम में दाखिला लेने वालें बच्चों को सीखने में थोड़ी परेशानी होगी।
हर क्लास में 40 बच्चों का सेटअप, प्रवेश पूरा
बालक हायर सेकेंडरी स्कूल व आत्मानंद इंग्लिश मीडियम के प्राचार्य केएस साहू के अनुसार प्रत्येक कक्षाओं के लिए 40 बच्चों का सेटअप है। कक्षाओं में एडमिशन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। यह पहली मर्तबा देखा गया है कि निजी स्कूलों के पालकों ने भी अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ानें में रुचि दिखाई है। पहले तो कोरोनाकाल में काम-काज प्रभावित व सरकारी इंग्लिश् मीडियम खुलने से सरकारी स्कूल की ओर पालकों का रूझान बढ़ा है। ऑफलाइन क्लास 2 अगस्त से शुरू होगी।
स्कूल आने वाले सभी बच्चों के पालक देंगे सहमति पत्र
हिंदी व अंग्रेजी माध्यम दोनों स्कूल में ऑफलाइन क्लास शुरू होने से पहले ही स्कूल प्रबंधन ने नियम जारी कर दिया है। प्राचार्य केएस साहू ने बताया कि सभी बच्चों के पालकों को सहमति पत्र देना होगा। स्कूल भेजने के लिए पालकों की सहमति आवश्यक मानी जा रही है, क्योंकि भविष्य में स्थिति बिगड़ने पर प्रबंधन जिम्मेदार न रहे। हालांकि कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते ऑफलाइन क्लास चलेगी। इसमें बच्चों को मास्क, सैनिटाइजर व पानी घर से लेकर आना होगा।
नई बिल्डिंग तैयार होने के बाद भी पुराने की जरूरत
शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल के लिए नई बिल्डिंग तैयार हो गई है। लेकिन आत्मानंद इंग्लिश मीडियम खुलने से बिल्डिंग की कमी पूरी नहीं हुई है। नई बिल्डिंग में इंग्लिश मीडियम व पुरानी में हिंदी मीडियम की कक्षाएं लगेगी। पुरानी बिल्डिंग में मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है। फिलहाल दोनों बोर्ड क्लास नई बिल्डिंग में लगेगी। 10 वीं के लिए तीन सेक्शन व 12 वीं के लिए चार सेक्शन बनाए गए हैं।
