कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर सिन्हा ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सभी अधिकारी मुख्यालय में निवास करें और अधिकारियों के अधीनस्थ कर्मचारी भी मुख्यालय में निवास करेंगे। यह सुनिश्चित करें। आकस्मिक निरीक्षण कर जांच की जाएगी। मुख्यालय में नहीं रहने वाले संबंधित अधिकारी-कर्मचारी पर सिविल सेवा आचरण के तहत कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में उन्होंने कहा कि मछलीपालन को कृषि का दर्जा दिया गया है। हितग्राहियों को किसान क्रेडिट कार्ड के अंतर्गत लाभ प्राप्त होगा। इसके लिए जनसामान्य को प्रोत्साहित करें। उन्होंने रासायनिक उर्वरक की उपलब्धता की जानकारी देते हुए कहा कि 2800 मीट्रिक टन डीएपी खाद आ गई है। समितियों के माध्यम से इसका वितरण किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा स्कूल प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए है। स्कूलों में साफ-सफाई, सैनिटाइजेशन किया जाए। जिले में कोरोना पॉजिटिव दर 1 प्रतिशत से कम है। शासन के निर्देशानुसार ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के स्कूल खुलेंगे। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ग्राम पंचायत तथा स्कूल की पालक समिति एवं शहरी क्षेत्रों के पार्षद एवं स्कूल की पालन समिति की अनुशंसा प्राप्त की जाए।
स्कूल खुलने पर बच्चों तथा शिक्षकों को सावधानी रखने की जरूरत है। रोज आधे बच्चे स्कूल में उपस्थित रहें। हाट बाजार क्लीनिक योजना की समीक्षा: कलेक्टर ने मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना की जानकारी लेते हुए कहा कि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए। जिन स्थानों पर हाट बाजार क्लीनिक लगाया जा रहा है उन स्थानों का चयन कर समय-सारणी तैयार करें। हाट बाजार क्लीनिक के वाहनों में उपलब्ध दवाइयों की सूची होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सस्ती दवा दुकान योजना के अंतर्गत नागरिकों को सस्ती जेनेरिक दवाई उपलब्ध कराएं।
इसके अंतर्गत सभी नगरीय निकाय में दुकान के माध्यम से दवाई उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला स्तरीय अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों के लिए योजनाओं का निरीक्षण करने प्रभारी अधिकारी बनाया गया है। जिला पंचायत सीईओ लोकेश चंद्राकर ने कहा कि वर्मी कम्पोस्ट और सुपर कम्पोस्ट निर्माण में तेजी लाने की जरूरत है। जनपदों और नगरीय निकायों में लक्ष्यों के अनुरूप कम्पोस्ट का निर्माण करें।
खाद निर्माण विक्रय में तेजी लाएं
कलेक्टर ने वर्मी कम्पोस्ट और सुपर कम्पोस्ट की समीक्षा करते हुए कहा कि इसके निर्माण और विक्रय में तेजी लाएं। निजी खाद दुकानों के माध्यम से विक्रय करें। उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत गौठानों में कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इन कार्य को प्रारंभ करें। जिन गौठानों में निर्माण कार्य अधूरे हैं उन्हें जल्दी पूरा करें। गौठानों को मल्टीएक्टीविटी केन्द्र के रूप में विकसित करें। इन केन्द्रों में आजीविका से संबंधित आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए। विभिन्न विभागों की योजनाओं का लाभ गौठानों में कार्य करने के इच्छुक महिला स्वसहायता समूह को प्राथमिकता के साथ उपलब्ध कराई जाए। सभी विभाग जनपद पंचायतों से समन्वय कर कार्य करें।
