पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन पर आरोप लगाना महज सुर्खियां बटोरने का उतावलापन है ,सिर्फ अखबार की सुर्खियों का हिस्सा बनने का उतावलापन
राजनांदगांव।
नगर पालिक निगम के नेता प्रतिपक्ष किशुन यदु ने महापौर श्रीमती हेमा देशमुख द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री पर लगाए गए जासूसी के आरोपों को हास्यास्पद बताया है। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेसियों की छोटी और ओछी मानसिकता को दर्शाता है। ये वही कांग्रेसी हैं जो चुनाव जीत जाने पर तो एवीएम पर सवाल नहीं उठाते लेकिन हार जाने पर एवीएम हैक किए जाने की बातें करते हैं। कांग्रेसियों को हमेशा ही तर्कहीन बातें करना रास आता है।
नेता प्रतिपक्ष यदु ने कहा कि सरकार द्वारा जासूसी किए जाने जैसे आरोप लगाना कांग्रेसियों के लिए ही ठीक नहीं है। कांग्रेसी न जाने क्यूं अपने मुख्यमंत्री पर लगे उन आरोपों को भूल जाते है जिनमें मौजूदा मुख्यमंत्री और उनके सलाहकारों पर षड़यंत्र कर तत्कालीन सरकार और तत्कालीन मंत्री की छवि धूमिल करने के आरोप लगे हुए हैं। और तो और ऐसे षड़यंत्र के बाद सीडी बांट कर कांग्रेस अपना चरित्र भी साबित कर चुकी है। कांग्रेस के ऐसे चरित्र के बाद तो यह भी साबित हो चुका है कि कांग्रेसी किस मानसिकता के साथ बेबुनियाद आरोप लगाते हैं।
किशुन यदु ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह 15 साल प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं। उनकी कार्यशैली और सरकार चलाने के तौर-तरीके निर्विवाद और साफ रहे हैं। अब अपनी सरकार के ढाई साल पूरे होने के बाद भी कांग्रेसियों को पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. सिंह की छवि का खौफ है। यही कारण है कि वे बीते कई सालों से उन पर बेबुनियाद आरोप ही लगाते आ रहे हैं।
यदु ने कहा कि कांग्रेसनीत प्रदेश सरकार और कांग्रेसियों का कहना है कि जासूसी के मसले को लेकर जांच कराई गई थी तो दूसरी ओर महापौर श्रीमती हेमा देशमुख अपने साथियों के साथ पुलिस में शिकायत दर्ज कराने पहुंच रही हैं। इसका अर्थ क्या ये निकाला जाए कि महापौर श्रीमती देशमुख को अपनी ही सरकार द्वारा करवाई गई या करवाई जा रही जांच पर भरोसा नहीं है या ये सिर्फ अखबार की सुर्खियों का हिस्सा बनने का उतावलापन है। वैसे कांग्रेसियों को यह भी पता होना चाहिए कि उनकी ही सरकार में शुरु हुई जांच में पूर्व मुख्यमंत्री पर लगाए गए ये बेबुनियाद आरोप जांच में धरे के धरे रह गए।
