लो वोल्टेज व पावर कट के कारण आर्सेनिक प्रभावित ब्लाॅक के 24 गांवों में पिछले चार दिनों से पीने का पानी नहीं मिल रहा है। बरसात के मौसम में इन गांवों के ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए समस्या का सामना करना पड़ रहा है। हालात इतने खराब हैं कि समूह जल सयंत्र योजना से पेयजल आपूर्ति नहीं होने से इन गांवों के 25 हजार की आबादी को मजबूरी में पुनः आर्सेनिक युक्त हैंडपंप व कुएं का पानी पीना पड़ रहा है। इससे ग्रामीणों में शासन व प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है।
ब्लॉक के आर्सेनिक प्रभावित गांवों में शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए वर्ष 2017 से समूह जल सयंत्र योजना के माध्यम से पेयजल आपूर्ति हो रही है। इस योजना का संचालन लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा ब्लाॅक मुख्यालय से पिछले चार वर्षों से किया जा रहा है। योजना के तहत नगर में शिवनाथ नदी एनीकट से पानी लेकर आर्सेनिक प्रभावित गांवों में पेयजल आपूर्ति की जा रही है। आए दिन लो वोल्टेज, पावर कट एवं अन्य कई तकनीकी खामियों के चलते इन गांवों के लोगों को पीने का पानी नसीब नहीं होता है। जिससे इन्हें मजबूरी में प्यास बुझाने के लिए वापस गांव के आर्सेनिक युक्त हैंडपंप व कुंए के पानी पीना पड़ता है।
ग्रामीणों ने कहा- जल संयत्र योजना फेल हो गई
कौडूटोला के उदेराम साहू, बेनीप्रसाद साहू, जादूटोला के उदय प्रकाश यादव, देवनारायण नेताम, भनसुला के डेरहा राम मेश्राम, बिहरीकला से पन्नालाल मेश्राम ने बताया कि चार दिनों से समूह जल संयत्र योजना फेल हो गई है। नलों से पानी नहीं आ रहा गांव में बारिश के मौसम में पीने के पानी की व्यवस्था के लिए काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि पीएचई विभाग से शिकायत करने पर वे कहते हैं कि पावर सप्लाई व लो वोल्टेज के कारण व्यवस्था बाधित हो रही हैं तो हम क्या कर सकते हैं।
एक्सपर्ट ऑपरेटर होने के कारण भी मुश्किलें बढ़ी
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने समूह जल सयंत्र योजना के क्रियान्वयन तथा आर्सेनिक प्रभावित गांवों में शुद्ध पेयजल आपूर्ति करने के लिए तीन दर्जन कर्मचारी रखे हुए हैं। बताया जाता है कि यह कर्मचारी इंटेकवेल, फिल्टर प्लांट एवं गांवों की टंकियों से पेयजल सप्लाई का काम करते हैं। आश्चर्य है कि योजना के सुचारू रूप से क्रियान्वयन के लिए विभाग के पास कोई एक्सपर्ट व प्रशिक्षित आपरेटर या तकनीकी कर्मचारी मौजूद नहीं है। इधर इस योजना के संचालन में काम के लिए रखे गए कर्मचारियों की एक नहीं कई शिकायतें हैं।
तैयारी: पीने के पानी के लिए ग्रामीण करेंगे प्रदर्शन
पेयजल आपूर्ति की मांग को लेकर गांवों के ग्रामीण लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सब डिविजनल कार्यालय एवं छग राज्य विद्युत वितरण कंपनी के सहायक अभियंता व क.अभियंता कार्यालय का घेराव कर विरोध प्रदर्शन करेंगे। कौडूटोला के किसान नेता, उदेराम साहू, बेनीप्रसाद साहू, देवनारायण नेताम, उदय प्रकाश यादव एवं भनसुला के डेरहाराम मेश्राम ने किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि दो दिनों के अंदर पेयजल आपूर्ति व्यवस्था बहाल नहीं हुई तो वे बिजली कंपनी व पीएचई कार्यालय का घेराव करेंगे।
ये गांव प्रभावित हैं
शुक्रवार से ब्लाॅक के इन आर्सेनिक प्रभावित 24 गांव पांगरी, भनसुला, आतरगांव, बिहरीकला, बिहरीखुर्द, कौडीकसा, मुलेटीटोला, भगवानटोला, अरजकुंड, हाथीकन्हार, केकतीटोला, सोनसायटोला, कौडूटोला, मांगाटोला, सांगली, कोटरा, ढाढुटोला, बांधाबाजार, जोरातराई, थैलीटोला, जादूटोला अादि।
पावर उपलब्ध कराने के लिए चर्चा की गई: शेंडे
पीएचई एसडीओ एच के शेंडे ने बताया कि इंटेकवेल व फिल्टर प्लांट में जितनी पावर जरूरी है वह उन्हें मिल नहीं पा रहा है। इसलिए पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो रही है। बिजली कंपनी के अफसरों को मांग के अनुरूप पावर उपलब्ध कराने के लिए चर्चा की गई है।
आगे से सप्लाई नहीं मिलने से बिजली गुल हो रही: कुर्रे
बिजली कपंनी के जेई बीएन कुर्रे ने कहा कि लोड बढ़ने के कारण बार-बार ट्रिपिंग व लो वोल्टेज की समस्या आ रही है। आगे से सप्लाई नहीं मिलने पर ही बिजली गुल हो रही है।
