राजनांदगांव (नईदुनिया प्रतिनिधि)। राजनांदगांव के छुईखदान ब्लाक के दीपक साहू और उसकी पत्नी विद्या साहू ने मकान को दो साल पहले किराये पर लिया था। दीपक ने 11 महीने का अनुबंध किया था, जिसमें उसने साहू होने की जानकारी दी थी। हिंदू होने के कारण मकान मालिक ने अपने मकान को किराये में दे दिया। शुरुआती दिनों में सब ठीक रहा। इसके बाद मकान में चंगाई सभा का आयोजन किया जाने लगा। प्रार्थना में शामिल होने आने वाले लोग रातभर मकान में रूकते थे। फिर सुबह होते ही निकल जाते थे। यहां आने जाने वाले लोगों की संख्या बढ़ती गई। हर रविवार को अलग-अलग चेहरे नजर आने लगे।
पहले आसपास के लोगों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। रविवार को जब हिंदू संगठन केलोग पहुंचे तो मकान के किसी भी कमरे में हिंदू देवी-देवताओं के चित्र नहीं मिले। यहां हर रविवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्र के लोग प्रार्थना सभा में पहुंचते थे। मकान के दरवाजे को सामने से बंद कर एक साथ अलग-अलग कमरों में प्रार्थना करते थे। रविवार को पुलिस व हिंदू संठन के सदस्यों ने मकान में एकत्रित लोगों से जानकारी ली तो यहां मौजूद बुजुर्गों ने बताया कि कई महीनों से प्रार्थना सभा में शामिल हो रहे हैं। प्रार्थना में प्रभु ईशु के चमत्कारों को बताया जाता था। वहीं गंभीर बीमारियों को जड़ से खत्म करने का भरोसा दिलाया जाता था।
मकान मालिक ने कार्रवाई करने लिखा पत्रः मकान में मतांतरण की जानकारी लगते ही मकान मालिक ए वेकेंट रमन राव ने बसंतपुर थाना प्रभारी को पत्र लिखकर मकान में मतांतरण करने वाले किरायेदार दीपक साहू व उसकी पत्नी विद्या साहू के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। बसंतपुर थाना प्रभारी को लिखे पत्र में मकान मालिक ने बताया कि पास्टर दीपक साहू व उसकी पत्नी विद्या इसाई धर्म अपना चुकी है। विगत दो वर्षों से मेरे मकान में किरायेदार के रूप में रह रही है। मकान में चंगाई सभा का आयोजन किया जा रहा है। सभा में भोले-भाले ग्रामीणों को प्रलोभन, शारीरिक कष्टों एवं बीमारियों से मुक्ति दिलाने के नाम पर मतांतरण किया जा रहा है। उन्होंने मामले की गंभीरता से जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
रविवार को महेश नगर में किराये के मकान में प्रार्थना के लिए बालोद, धमतरी व राजनांदगांव जिले के अलग-अलग ब्लाक के करीब 30 से 35 ग्रामीण प्रार्थना सभा में शामिल होने पहुंचे थे। जिसमें कुछ बच्चे थे। प्रार्थना में शामिल होने आए लोगों ने बताया कि करीब एक साल से प्रार्थना में शामिल हो रहे हैं। पूछने पर किरायेदार दीपक साहू व उसकी पत्नी विद्या साहू ने कहा कि सभी अपनी स्वेच्छा से प्रार्थना में शामिल होने आए थे। किसी को भी दबाव पूर्वक नहीं बुलाया गया था। किसी भी प्रकार से मतांतरण नहीं किया जा रहा है। लोग केवल प्रार्थना सभा में शामिल होने आए थे।
