राजनांदगांव। खाद की समस्या को लेकर जिले के अन्नादाता अब सड़क पर भी उतरने लगे है। शुक्रवार को मोहला ब्लाक के आठ गांव के किसान खाद के लिए मटेवा पंचायत के सामने बैठ गए। सोसायटी में किसानों के लिए 400 कट्टा खाद पहुंची थी, जिसकी जानकारी मिलते ही आठ गांव के करीब छह-सात सौ किसान मटेवा पहुंच गए। किसानों ने ककईपार के खाद गोदाम में ताला लगाकर विरोध किया। जब मोहला-मानपुर विधायक व संसदीय सचिव इंद्रशाह मंडावी ने फोन पर किसानों को आंदोलन खत्म करने की बात कही तो किसान भड़क गए। जिला पंचायत सदस्य नरसिंह भंडारी पर भी किसानों ने अपनी भडास निकाली। किसानों ने दो टूक कहा कि जब तक सभी कृषकों को खाद नहीं मिलेगी आंदोलन जारी रहेगा। हालांकि देर शाम साढ़े सात बजे के बाद किसान लौट गए। किसानों ने कहा शनिवार को भी आंदोलन करेंगे।
भड़के किसानों ने मटेवा से ककईपार जाकर खाद गोदाम में ताला लगाया और विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने कहा कि क्षेत्र के करीब 11-12 सौ अन्नादाता है, जिन्होंने खाद के लिए पर्चा जमा किया है। महिनेभर बाद पहली बार 400 कट्टा खाद आया है, जबकि किसान दोगुना है। ऐसे में बाकी किसानों को खाद कब मिलेगा। किसानों ने सभी को एक साथ खाद देने की मांग की।
आक्रोशित किसानों को विधायक व संसदीय सचिव इंद्रशाह मंडावी ने आंदोलन खत्म करने कहा। विधायक ने कहा कि शनिवार को सभी किसानों के लिए खाद पहुंच जाएगी, लेकिन किसानों ने विधायक की भी एक नहीं सुनी। उल्टा किसानों ने ही विधायक को फोन में सुना दिया कि फसल बुआई करे एक से डेढ़ माह होने को है, अभी तक एक बार भी खाद का छिड़काव नहीं हुआ है। एक भी क्षेत्र के किसानों को खाद अब तक नहीं मिली है। किसानों ने कहा कि समस्या को दूर करने के बजाय विरोध करने से रोक रहे हो। जल्द ही हमारी समस्या दूर कराओ।
किसानों ने कहा कि खाद की समस्या बताकर प्रशासन सोसायटी में खाद नहीं भेज पा रही है। दूसरी ओर कृषि केंद्रों में आसानी से खाद उपलब्ध हो रहा है। बाहर बाजार में पांच सौ रुपये में खाद बिक रही है। किसानों ने खाद की कालाबाजारी करने का भी आरोप लगाया है। प्रदर्शन के दौरान आठ पंचायत के किसान हलालखोर सिन्हा, संतराम कोमरे, कुमार मंडावी, जीवन कोरेटी, सुकलाल, रायसिंह, श्याम सिंह टेकाम, उत्तम मार्गे, तेज राम, ईश्वर सिंह, रघुवीर टेकाम, बिदु राम, सुनील कुमार, तिलक राम कृषण, लतखोर सिंह, कोमरे दिनेश, कुमार नरेश मंडावी, मालतु राम, जीवन लाल सिंह, राजकुमार सिंह, चमर सिंह कोला, यूनुस खान, मोहन लाल मंडावी, दुर्गा राम साहू, मालिक राम, धर्मिन बाई, बिमला बाई ,परमिला बाई, सोहाग बाई, पूर्णा बाई, पार्वती बाई, प्रेम बाई, रमतूला बाई, जग्गो बाई, जाइत बाई, सावला बाई, केसर बाई हुमन बाई, खोरीन बाई, कल्याण सिंह, महरीन बाई, हेमेंद्र मंडावी, विजय सलाम, छानु राम टांडिया, हुमन सिन्हा, जगेसर सिन्हा सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।
