राजनांदगांव। जिले में खाद की किल्लत को लेकर शुक्रवार को भाजपा किसान मोर्चा ने प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। अपने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन के दौरान खाद की किल्लत को लेकर उन्होंने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। नेताओं ने आरोप लगाया कि भूपेश सरकार जानबूझकर किसानों के सामने खाद की कृत्रिम समस्या खड़ी कर रही है। मोर्चा ने 20 जुलाई को ब्लाक मुख्यालयों में प्रदर्शन की घोषणा की है।
मानसून की दस्तक के साथ ही किसान खरीफ फसल की तैयारी में जुट गए हैं। अब तक अच्छी बारिश नहीं होने को लेकर किसानों की चिंता बढी? हुई है।वहीं अब खाद बीज के संकट ने किसानों को परेशानी में डाल रखा है। जिला भाजपा किसान मोर्चा के द्वारा बीते दिनों कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर सोसायटी में खाद बीज के संकट को दूर करने की मांग की गई थी। वहीं खाद बीज नहीं मिलने पर 16 जुलाई को आंदोलन की चेतावनी दी गई थी। किसान मोर्चा के अल्टीमेटम के बाद भी जब तक सोसाइटी में खाद नहीं पहुंची तो भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा ने आज कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर विरोध जताया। किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष हिरेंद्र साहू का कहना है कि सोसाइटी में पिछले 15 दिनों से खाद नहीं मिल रही है, और बाजार में खाद का भंडार है, जिससे किसानों को दोगुने दाम पर खाद लेने मजबूर होना पड़ रहा है।
प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने कहा कि राज्य सरकार के द्वारा किसानों को गोबर खाद लेने बाध्य किया जा रहा है। अपने आंदोलन के माध्यम से भाजपा किसान मोर्चा ने मांग की है कि गोबर खाद लेने के लिए किसानों बाध्य नहीं करना चाहिए, वहीं शासन- प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए जिला भाजपा किसान मोर्चा ने कहा कि आगामी 19 जुलाई तक अगर सोसाइटी से खाद का संकट दूर नहीं हुआ तो 20 जुलाई को जिलेभर के ब्लॉकों में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया जाएगा और इसके बाद उग्र आंदोलन भी होगा। प्रदेश भाजपा किसान मोर्चा के आह्वान पर किए गए इस धरना प्रदर्शन में मधूसुदन यादव, खुबचंद पारख, कोमल जंघेल, शशिकांत द्धिवेद्धी, नीलू शर्मा, भरत वर्मा , गीता साहू , पूर्णिमा साहू, शिव वर्मा और बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं सहित किसान भी शामिल हुए।
जिले में खरीफ फसल के लिए शुरुआती दिनों में ही खाद की समस्या बनी हुई है। किसानों को पहले डीएपी समय पर नहीं मिली। अब यूरिया की भी कमी हो गई है। इससे किसान परेशान हैं। जरूरत करीब पांच हजार मिट्रिक टन की बताई जा रही है। इस बीच दो दिन पहले शासन की ओर से 1800 मिट्रिक टन यूरिया खाद किसानों के लिए पहुंची है।
नई खेप पहुंचते ही प्रशासन ने सहकारी समितियों में तुरंत इसका वितरण कर दिया। प्रशासन का कहना है कि खाद के लिए किसानों की मांग को देखते हुए शासन द्वारा यूरिया खाद उपलब्ध कराया गया है, जो सोसायटियों में किसानों के लिए उपलब्ध रहेगा। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के सीईओ सुनील वर्मा ने बताया कि वर्तमान में खाद का पर्याप्त स्टाक है। जरूरत के हिसाब से फिर से स्टाक मंगवाया जाएगा।
