खाद की किल्लत से त्रस्त किसानों का गुस्सा अब फूटने लगा है। शुक्रवार को ऐसे ही आक्रोशित किसानों ने मोहला के मटेवा सोसाइटी का घेराव कर दिया। यहां रोजाना किसान खाद आने की जानकारी लेने पहुंचते थे, शुक्रवार को करीब 500 बैग खाद आने की सूचना मिली। इसके बाद किसानों की भीड़ टूट पड़ी। ़
मटेवा सोसाइटी के अंतर्गत 8 ग्राम पंचायत आते हैं। जहां रहने वाले किसानों को अब तक एक बोरी खाद भी नहीं मिल पाई है। सोसाइटी में खाद आने की जानकारी मिलते ही किसानों की भीड़ उमड़ पड़ी। लेकिन जिस मात्रा में खाद पहुंची थी, उसकी तुलना में किसानों की संख्या कहीं अधिक थी।
सोसाइटी के कर्मचारियों ने सभी को खाद नहीं दे पाने की बात कही, इसके बाद किसानों का गुस्सा और भड़क गया। किसानों ने सोसाइटी में वितरण बंद करा दिया और सामने ही धरने पर बैठ गए। शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे शुरु हुआ किसानों का प्रदर्शन देर शाम तक जारी रही। समाचार लिखे जाने तक किसान सोसाइटी के बाहर ही बैठे हुए थे। जबकि शाम 7 बजे तक कोई भी अफसर सुध लेने मौके पर नहीं पहुंचा।
15 से 20 किमी. की दूरी तय कर सोसाइटी तक पहुंचते हैं किसान
मटेवा सोसाइटी के सामने प्रदर्शन में जुटे किसान ककईपार, केसला, कुमली, मुच्चर, मुकदाह सहित आसपास के गांव के हैं। इनमें से कई गांव ऐसे हैं, जिनकी दूरी सोसाइटी से 20 किमी. की है। प्रदर्शन कर रहे किसानों ने बताया कि उन्हें खाद के लिए बार-बार 20-20 किमी. दूर चक्कर लगाना पड़ता है। अब जब खाद की खेप पहुंची भी है तो उन्हें अगले दिन आने की बात कही जा रही है। इससे किसान मानसिक और आर्थिक रुप से भी परेशान हो रहे हैं।
बड़ी संख्या में महिलाएं भी डटी रहीं, कहा- यहीं रात बिताएंगे
सोसाइटी के सामने प्रदर्शन कर रहे किसानों में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं। महिलाओं ने बताया कि खेती शुरु हो गई है, लेकिन अब तक उन्हें खाद उपलब्ध नहीं कराया गया है। समय में खाद नहीं मिला तो आगे यह किस काम का होगा। उन्होंने कहा कि बार-बार चक्कर काटने से बेहतर है कि वे पूरी रात सोसाइटी के सामने ही डटी रहेंगी। उन्हें अपने-अपने हिस्से की खाद मिलेगी, तभी वे घर लौटेंगी। महिलाएं छोटे-छोटे बच्चों को लेकर सोसाइटी पहुंची हैं।
जिपं सदस्य समझाते रहे, सूचना देने के बाद भी नहीं पहुंचे अफसर
किसानों के प्रदर्शन की जानकारी मिलने के बाद जिला पंचायत सदस्य नरसिंह भंडारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान नहीं माने। इसके बाद मौके से मोहला एसडीएम व दूसरे अफसरों को भी मामले की सूचना दी गई। लेकिन शाम तक मौके पर कोई भी अफसर किसानों का पक्ष सुनने नहीं पहुंचा। इसके चलते किसान और भी आक्रोशित होते चले गए। देर शाम तक किसान नारेबाजी करते रहें।
सोमाटोला में भी सुबह हंगामा किए, सोसाइटी में जड़ा था ताला
मोहला ब्लाक के ही सोमाटोला में भी शुक्रवार सुबह किसानों ने खाद को लेकर हंगामा मचाया था, विरोध में किसानों ने सोसाइटी में ताला जड़ दिया। तब सिर्फ एक ट्रक ही खाद पहुंची थी और लेने बड़ी संख्या में किसान जुट गए थे। किसानों ने करीब दो घंटे जमकर हंगामा किया, इसके बाद देर शाम तक दो ट्रक खाद पहुंचने का आश्वासन दिया गया, जिसके बाद सोमाटोला सोसाइटी के किसान शांत हुए। उनका कहना है हमें राहत दी जाए।
निजी विक्रेता उठा रहे फायदा, तीन से चार गुना वसूल रहे
सोसाइटियों में खाद की किल्लत का फायदा इलाके के निजी कृषि केंद्र के संचालक उठा रहे हैं। निजी विक्रेताओं के पास बंपर खाद पहुंच रही है, इसके चलते वे किसानों को दो से चार गुना अधिक दाम में खाद बेच रहे हैं। सोसाइटियों में किल्लत और निजी विक्रेताओं के पास भरपूर स्टॉक पहुंचने से भी किसान आक्रोशित हैं।
265 रुपए प्रति बैग बिकने वाले यूरिया को निजी विक्रेता 450 से 500 रुपए में बेच रहे हैं। बहुत से किसानों को मजबूरी में दो से तीन गुने दाम में खरीदना भी पड़ रहा है। किसानों का कहना था कि अफसर इस समस्या का समाधान कर हमें राहत दिलाएं।
जिले के लिए 1800 मीट्रिक टन यूरिया खाद
जिले में शासन की ओर से 1800 मीट्रिक टन यूरिया खाद किसानों के लिए उपलब्ध कराया गया है। खाद के लिए किसानों की मांग को देखते हुए शासन द्वारा यूरिया खाद उपलब्ध कराया जा रहा है। जो सोसायटियों में किसानों के लिए उपलब्ध रहेगा। जहां समस्या है वहां शनिवार तक खेप पहुंचेगी।
