राजनंदगांव। शहर के पुलिस लाइन में सोमवार को कोरकोट्टी नक्सली हमले में शहीद जवानों की शहादत की 12वीं बरसी पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों सहित पुलिस अधिकारी व कर्मचारी शामिल हुए। पुलिस अफसरों ने नक्सलियों के साथ डटकर मुकाबला करने और नक्सली आतंक को खत्म करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर पुलिस लाइन में शहीदों की याद में पौधारोपण और रक्तदान शिविर का आयोजन भी किया गया।
12 जुलाई 2009 को तत्कालीन पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार चौबे सहित 29 पुलिस जवान नक्सली हमले में शहीद हो गए थे। उनकी शहादत की याद में वीर शहीदों को नमन करने प्रतिवर्ष शहर के पुलिस लाइन में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस आयोजन में नक्सली हमले में शहीद हुए सभी जवानों की शहादत को नमन करते हुए शहीद परिवार के सदस्यों को शाल, श्रीफल भेंट किया गया। इस अवसर पर वीर शहीदों को नमन करने देशभक्ति गीतों और भजनों का आयोजन भी किया गया।
शहादत का कर्ज कभी नहीं भूलेगा छग महापौर हेमा देशमुख, कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा और पुलिस अधीक्षक डी. श्रवण ने शहीदों की शहादत को नमन किया। इस दौरान महापौर हेमा देशमुख ने शहीद जवानों को नमन करते हुए कहा कि हमारी सुरक्षा के लिए अपनी जान गंवाने वाले शहीदों का कर्ज छत्तीसगढ़ कभी नहीं भूलेगा। कलेक्टर सिन्हा ने कहा कि 12 जुलाई के शहीद जवानों को आज श्रद्धांजली अर्पित की है। वहीं पुलिस अधीक्षक डी.श्रवण कुमार ने कहा कि शहीद परिवारों के साथ पूरा पुलिस विभाग खड़ा है। शहीद परिवारों की समस्याओं का निराकरण किया जाएगा।
अब तक स्मारक नहीं बना शहादत की बरसी पर पुलिस द्वारा इस दिन को शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिसमें नक्सल हमले में जिलेभर के शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित किया जाता है। शहर के पुलिस लाइन में बने शहीद स्मारक में पुलिस विभाग व जनप्रतिनिधियों सहित शहीद परिवार के लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित की और शहीदों के परिजन वीर शहीदों के तस्वीरों पर पुष्प अर्पण करते हुए फफक पड़े। इस दौरान शहीद गीता भंडारी की पत्नी ने कहा कि आज 12 वर्ष हो गए, उनके पति का स्मारक नहीं बना है। लाख कोशिशों के बाद भी अब तक उनके पुत्र को नौकरी नहीं मिली है अधिकारी आश्वासन देकर भूल जाते हैं।
