मोहला । जिले में जल संरक्षण और ग्रामीण आजीविका सृजन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “नया तरिया-आय का जरिया” अभियान के तहत नवीन तालाब निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के करकमलों द्वारा संपन्न होगा।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के अंतर्गत जिले में 10 नवीन तालाब निर्माण कार्यों के लिए कुल 103.79 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। इन कार्यों से वर्षा जल का संरक्षण, भू-जल स्तर में वृद्धि तथा किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। अभियान के तहत न केवल जल संरक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन भी सुनिश्चित किया जा रहा है। बड़ी संख्या में ग्रामीण श्रमिकों को इन कार्यों के माध्यम से रोजगार मिलेगा। निर्माण पूर्ण होने के बाद अभिसरण (कन्वर्जेंस) के जरिए इन परिसंपत्तियों का बहुआयामी उपयोग किया जाएगा, जिसमें मछली पालन, सब्जी उत्पादन, दलहन-तिलहन खेती एवं उद्यानिकी गतिविधियों को प्रोत्साहन दिया जाएगा।
इस पहल के अंतर्गत स्व-सहायता समूह की महिलाओं को “लखपति दीदी” अभियान से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। महिलाओं को आजीविका गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी देकर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।जिले के सभी ग्राम पंचायतों में इस अभियान को प्राथमिकता के साथ लागू किया जा रहा है। अधिकाधिक श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने, कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने तथा समयबद्ध पूर्णता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कार्यों की सतत निगरानी कर पात्र हितग्राहियों तक योजना का लाभ पहुंचाया जा रहा है।
प्रभारी कलेक्टर एवं सीईओ जिला पंचायत भारती चन्द्राकर ने बताया कि इस अभियान के माध्यम से जल संरक्षण कार्यों को प्राथमिकता देते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभिसरण के जरिए कृषि, मत्स्य पालन एवं उद्यानिकी गतिविधियों को बढ़ावा देकर ग्रामीणों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित की जा रही है।
“नया तरिया-आय का जरिया” अभियान को “एक पंथ कई काज” की अवधारणा का सशक्त उदाहरण बताया जा रहा है, जिसमें जल संरक्षण, रोजगार सृजन, कृषि विकास और महिला सशक्तिकरण जैसे कई उद्देश्यों को एक साथ साधा जा रहा है। यह पहल जिले में जल समृद्धि और आर्थिक उन्नति की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होने की उम्मीद है।
